मुंबई । महान स्वातंत्र्य सैनानी वीर सावरकर को बयानबाजी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब अभिनेत्री मोना अंबेगांवकर की विवादित टिप्पणी पर महाराष्ट्र की राजनीति में तूफान उठ खड़ा हुआ है। अभिनेत्री ने दावा किया था कि सावरकर ने रेप के प्रयास को कबूल किया था और इसके लिए 4 महीने जेल में बिताए थे। मामले में अब शिवसेना सांसद राहुल शेवाले ने अभिनेत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सांसद ने गृह मंत्री अजय कुमार मिश्रा को एक पत्र भेजा है, जिसमें अंबेगांवकर के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
एक रिपोर्ट के अनुसार शेवाले ने गृह राज्य मंत्री से इस विवादित ट्वीट को हटाने के लिए संबंधित एजेंसियों को आदेश देने का अनुरोध भी किया है। शेवाले ने पत्र में कहा कि ‘मैं आपका ध्यान मोना अंबेगांवकर द्वारा 22 अगस्त 2022 को शाम 6.47 बजे स्वतंत्रता सेनानी वीर विनायक दामोदर सावरकर के खिलाफ किए गए एक ट्वीट की ओर दिलाना चाहूंगा। यह ट्वीट बहुत ही विवादास्पद है और इसकी कोई प्रामाणिकता भी नहीं है।’
उन्होंने अपने पत्र में आगे कहा कि मेरे विचार में इसमें कोई ऐतिहासिक तथ्य नहीं है। इसके साथ ही यह एक महान स्वतंत्रता सेनानी के प्रति दुर्भावना है, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अंग्रेजी साम्राज्य के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने आगे कहा कि ‘मैं ट्वीट की कड़ी निंदा करता हूं। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया ट्वीट का कड़ा संज्ञान लें और संबंधित एजेंसी को सोशल मीडिया से ट्वीट को तुरंत हटाने का आदेश दें। मैं आपसे एक प्रतिष्ठित स्वतंत्रता सेनानी के खिलाफ इस तरह का फर्जी ट्वीट करने के लिए मोना अंबेगांवकर के खिलाफ कार्रवाई करने का भी अनुरोध करता हूं।’ मालूम हो कि एक्ट्रेस अंबेगांवकर ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि सावरकर की पहली सजा, 1908 में मार्गरेट लॉरेंस के बलात्कार के प्रयास के लिए थी। उन्होंने अपराध कबूल किया और उन्हें चार महीने जेल की सजा सुनाई गई। हालांकि एक्ट्रेस के ट्वीट को अब डिलीट कर दिया गया है।
