भोपाल । मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर ठगोरों ने 16 लाख 80 हजार हड़प लिए। बुजुर्ग को जब ठगाने के बारे में बता चला तो अटैक आ गया। बुजुर्ग बायपास सर्जरी करानी पड गई है। यह मामला प्रदेश के जबलपुर शहर है, जहां एक एक बुजुर्ग को उसके बेटे के तीन दोस्तों ने बेटी के मेडिकल कॉलेज में दाखिले के नाम पर लाखों रुपए का चूना लगा दिया। बाद में रुपए वापस ना मिलने पर बुजुर्गों ने पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा से शिकायत की। शिकायत की जांच करते हुए लार्डगंज पुलिस ने तीन आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।लार्डगंज पुलिस ने बताया कि कांच घर चौक आकांक्षा अस्पताल के पास घमापुर निवासी 65 वर्षीय गौरंग पाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वर्ष 2012 में उसका पुत्र लव पाल जमशेदपुर में पायलट क्लब में ट्रेनिंग करता था, तब उसकी मित्रता प्रतीक पाटिल एवं एस पाटिल से हुई थी। जिस कारण प्रतिक पाटील एवं एस पाटिल का उसके घर पर आना जाना था। मई 2012 में प्रतिक पाटील एवं एस पाटिल उसके घर पर आए थे, तब गौरंग ने अपनी बेटी निमिषा पाल को एमबीबीएस में एडमिशन कराने की इच्छा जाहिर की थी। प्रतीक पाटिल एवं एस पाटिल ने गौरंग को बताया कि उनका एक मित्र राहुल झा मध्यप्रदेश में डोनेशन लेकर मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिला सकता है। इसके बाद मई 2012 में प्रतीक पाटिल एवं एस पाटिल अपने साथ राहुल झा को लेकर उसके घर आए थे। तीनों उसके घर में दो-तीन दिन तक रुके थे। इस दौरान राहुल झा ने बताया कि चिरायु मेडिकल कॉलेज में आपकी बेटी निमिषा का एमबीबीएस में दाखिला हो जाएगा इसके लिए 20 लाख रुपए डोनेशन देने पड़ेंगे। गौरंग ने बातचीत की तो 16 लाख 80 हजार रुपए मैं बेटी का एडमिशन कराने का सौदा तय कर हुआ था। पुलिस ने दो रंग की शिकायत पर आरोपित राहुल झा, प्रतीक पाटिल एवं एस पाटिल के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।गौरंग पाल ने पुलिस को बताया कि राहुल झा प्रतीक पाटिल एवं एस पाटिल की बातों में आकर उसने जून 2012 में राहुल झा के बैंक खाते में 8 लाख रुपए जमा कराते हुए दे दिए और बाकी के रुपए काउंसलिंग के समय देने की बात तय हो गई। उसके बाद 29 अगस्त 2012 में दोबारा तीनो लोग उसके घर पर आए और भोले की 31 अगस्त को काउंसलिंग है, बाकी के रुपए दे दो, तो गौरंग ने 8 लाख 80 हजार रुपए और राहुल झा को दे दिए। इस दौरान प्रतीक पाटिल एवं एस पाटिल भी उसके साथ थे। गौरंग से रुपए लेने के बाद तीनों जालसाज ने उसे निमिषा पाल के नाम से मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया का प्रवेश पत्र एवं फार्म-7 दिया और बोला कि चिरायु मेडिकल कॉलेज भोपाल पहुंचकर बाकी की प्रक्रिया पूरी कर आते हुए बेटी का एडमिशन करा लो, लेकिन जब गौरंग चिरायु मेडिकल कॉलेज भोपाल पहुंचे तो पता चला कि प्रवेश पत्र एवं फार्म-7 फर्जी है। पुलिस को दी गई शिकायत में गौरव पाटिल ने बताया कि बेटे लव पाल की दोस्ती का फायदा उठाते हुए आरोपित प्रतीक पाटिल राहुल झा एवं एस पाटिल ने धोखाधड़ी करते हुए और से 16 लाख 80 हजार रुपए ठग लिए हैं, जिस कारण उसे सदमा लगा और दिल का दौरा पड़ गया, जिसके बाद गुड़गांव में बायपास सर्जरी करानी पड़ी।
