छत से कांक्रीट गिरने से अध्यक्ष की कार हुई क्षतिग्रस्त
इंदौर,10 जुलाई 2026 इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के नवलखा कॉम्प्लेक्स स्थित जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग क्रमांक-2 के कार्यालय भवन की जर्जर स्थिति एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गई है। शुक्रवार को भवन के प्रथम तल से अचानक प्लास्टर एवं कांक्रीट का बड़ा हिस्सा नीचे गिर गया, जिससे आयोग के अध्यक्ष श्री विकास राय का चार पहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय सौभाग्यवश वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग क्रमांक-2 द्वारा इंदौर विकास प्राधिकरण के सम्पदा अधिकारी को भेजे गए लिखित शिकायत-पत्र में बताया गया है कि आयोग का कार्यालय आईडीए के नवलखा कॉम्प्लेक्स स्थित भवन में किराये पर संचालित हो रहा है। वर्तमान में न केवल आयोग का कार्यालय बल्कि सम्पूर्ण भवन अत्यंत जर्जर एवं दयनीय स्थिति में पहुंच चुका है, जिसके कारण प्रतिदिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
शिकायत के अनुसार पूर्व में भी भवन की खराब स्थिति के कारण दो-तीन आकस्मिक घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें अभिभाषकों, पक्षकारों तथा आयोग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ था। इन घटनाओं के बाद आयोग के न्यायालय अधीक्षक द्वारा कई बार इंदौर विकास प्राधिकरण को लिखित रूप से भवन के रखरखाव, मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य कराने का अनुरोध किया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
शुक्रवार को हुई ताजा घटना में शाम लगभग 4:10 बजे जब अधिकांश पक्षकार एवं अधिवक्ता आयोग परिसर से जा चुके थे, तभी प्रथम तल से प्लास्टर और कांक्रीट का भारी टुकड़ा अचानक नीचे आ गिरा। उस समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे संभावित जनहानि टल गई। हालांकि, नीचे खड़ी आयोग के अध्यक्ष श्री विकास राय की कार इस हादसे की चपेट में आ गई और उसे काफी नुकसान पहुंचा।
घटना की जानकारी मिलते ही आयोग के सदस्य श्री लालजी तिवारी (94250-82967) ने तत्काल इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री परीक्षित झांडे (आईएएस) को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। श्री झांडे मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने तत्काल विशेषज्ञ इंजीनियर भेजकर घटनास्थल का निरीक्षण कराने का आश्वासन दिया है।
आयोग श्री विकास राय ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति के कारण न केवल शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि प्रतिदिन अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं एवं आम नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में बनी हुई है। आयोग ने आशंका व्यक्त की है कि यदि समय रहते आवश्यक मरम्मत एवं संरचनात्मक सुधार नहीं किए गए तो भविष्य में कोई गंभीर दुर्घटना अथवा जनहानि हो सकती है।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग क्रमांक-2 ने इंदौर विकास प्राधिकरण से मांग की है कि किराये पर उपलब्ध कराए गए भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए तथा आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ कर भवन को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि शासकीय कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो।