महिदपुर।माधव एक्सप्रेस /प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नारायणा धाम को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पिछले तीन वर्षों से बदहाली का शिकार है। लाखाखेड़ी से महिदपुर तक का 4 किलोमीटर का सड़क खंड पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुका है। शासन द्वारा इस मार्ग की मरम्मत की स्वीकृति दिए जाने के बावजूद संबंधित ठेकेदार द्वारा अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों और राहगीरों में भारी आक्रोश है।
स्कूली बच्चों और श्रद्धालुओं के लिए बना दुर्घटना का सबब
सड़क की जर्जर हालत के कारण वाहन चालकों सहित स्कूल-कॉलेज आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। हाल ही में लाखाखेड़ी के समीप एक स्कूल बस के पलटने की घटना भी सामने आ चुकी है।
उल्लेखनीय है कि यह मार्ग महिदपुर सिटी से उज्जैन पहुंचने का सबसे सीधा और सुगम रास्ता है। इसी मार्ग पर भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा का ऐतिहासिक व प्राचीन मंदिर (नारायणा धाम) स्थित है, जहाँ वर्षभर श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है। आगामी जन्माष्टमी महापर्व पर यहाँ लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटेंगे, जिन्हें इस बदहाल सड़क के कारण भारी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
तीन साल से अधूरे पड़े हैं पुलिया के अप्रोच मार्ग
महिदपुर से उज्जैन मार्ग पर स्थित ग्राम महू, ग्राम बालोदा और ग्राम कालूखेड़ा में बनी तीन पुलियाओं के अप्रोच मार्ग भी पिछले तीन साल से नहीं जोड़े गए हैं। इसके चलते विशेषकर बारिश के मौसम में वाहन असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
विरोध में 14 जुलाई को निकलेगा शांतिपूर्ण मार्च
प्रशासनिक उपेक्षा के विरोध में जन जागरूकता मंच द्वारा आगामी 14 जुलाई (मंगलवार) को एक अनूठा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। मंच के पदाधिकारियों के अनुसार, लाखाखेड़ी से महिदपुर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय तक पैदल मार्च निकाल कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अनुविभागीय अधिकारी को गुलाब का फूल भेंट कर सड़क सुधार की मांग की जाएगी।
समय: प्रातः 9:00 बजे (लाखाखेड़ी से प्रस्थान)
स्वरूप: मार्च के दौरान मार्ग में स्थित गड्ढों में जन जागरूकता के लिए पौधारोपण किया जाएगा।
आगमन: सुबह करीब 11:00 बजे तहसील कार्यालय |
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह पैदल मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण और गैर-राजनीतिक रहेगा, जिसमें केवल क्षेत्र की जनसमस्या को प्रमुखता से उठाया जाएगा।