टोक्यो । प्रशांत महासागर में उठे दो भयानक चक्रवाती तूफानों – मेक्खला और हिगोस ने ताइवान और जापान में कहर बरपाना शुरू कर दिया है, जिससे करीब 10 लाख से अधिक लोगों की सांसें हलक में अटकी हुई हैं। तूफान मेक्खला, जो अब कमजोर होकर ट्रॉपिकल स्टॉर्म में बदल गया है, में अभी भी 108 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तबाही मचाने की क्षमता है। इसके साथ ही एक और तूफान हिगोस भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे दोनों देशों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। इन दोहरे चक्रवाती सिस्टम का पहला प्रहार ताइवान पर हुआ है, जहां दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने ऐसी बाढ़ और भूस्खलन को जन्म दिया है कि पूरा द्वीप पानी-पानी हो गया है। ताइवान के दक्षिणी बंदरगाह शहर काऊशुंग में बाढ़ के तेज बहाव में बह जाने से एक 73 वर्षीय बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत हो गई।
वहीं, ह्सिनचू काउंटी में बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुकी एक कार के भीतर से 49 वर्षीय महिला का शव बरामद किया गया है, जबकि इसी इलाके में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग अपने खेत पर जाते समय बाढ़ के पानी में लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश जारी है। ताइवान के पहाड़ी इलाकों में मलबे के बहाव की गंभीर चेतावनी जारी की गई है, क्योंकि मौसम एजेंसी के अनुसार, गुरुवार से अब तक कई इलाकों में 88 सेंटीमीटर (34.6 इंच) तक रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की जा चुकी है। ताइवान को प्रभावित करने के बाद, यह तूफान जापान के मुख्य द्वीपों क्यूशू, शिकोकू और होनशू की तरफ मुड़ गया है, जिससे टोक्यो, ओसाका और नागोया जैसे घनी आबादी वाले शहर सीधे खतरे की जद में आ गए हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि तूफान मेक्खला प्रशांत महासागर में आगे बढ़ रहे एक अन्य उष्णकटिबंधीय तूफान हिगोस के साथ टकराने वाला है। मौसम विज्ञान में इस दुर्लभ वायुमंडलीय घटना को फुजीवाड़ा इफेक्ट कहा जाता है, जहां दो तूफान आपस में भिड़ते हैं, तो उनकी ताकत और दिशा का सटीक अनुमान लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है, जिससे तबाही का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
घर खाली करने और शिविरों में जाने को कहा
इस गंभीर खतरे को देखते हुए, जापान की फायर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी ने आपातकालीन कदम उठाते हुए 10 लाख से अधिक निवासियों को तुरंत अपने घर खाली करने और सुरक्षित शिविरों में जाने की सख्त सलाह जारी की है। सरकारी प्रवक्ता मिनोरू किहारा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आपदा स्तर की मूसलाधार बारिश का खतरा बना हुआ है। अब तक दक्षिणी क्षेत्र कागोशिमा में एक व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने और तीन लोगों को मामूली चोटें आने की रिपोर्ट मिली है, जबकि दर्जनों इमारतें जलमग्न हो चुकी हैं। तूफान के चलते जापान का परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र पूरी तरह से चरमरा गया है।
जापान ने 120 उड़ाने की रद्द
जापान एयरलाइंस और ‘ऑल निप्पॉन एयरवेज’ ने ओकिनावा और कागोशिमा जाने और वहां से आने वाली कुल 120 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण ट्रेन रूटों को भी रोक दिया गया है। औद्योगिक मोर्चे पर, मूसलाधार बारिश के कारण सड़कों के बंद होने की वजह से दिग्गज ऑटोमेकर कंपनी टोयोटा ने क्यूशू स्थित अपने विनिर्माण प्लांट में परिचालन पूरी तरह से निलंबित कर दिया है, जबकि निसान ने भी अपनी कुछ मुख्य प्रोडक्शन लाइनों को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है। क्योटो और ओसाका के अधिकारियों ने नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर बाढ़ की चेतावनी जारी कर लोगों को सुरक्षित ऊंचाई वाले स्थानों पर रहने को कहा है, क्योंकि यह दोहरा खतरा लाखों लोगों के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है।
