इन्दौर: प. पू. दमिताश्री जी, मुक्ति दर्शाश्री जी, मुक्ति प्रिया श्री जी, शिवम् प्रिया श्री जी, जिनाज्ञाश्री जी महाराज सा. का नाकोड़ा पार्श्वनाथ जैन श्वे. मंदिर गुमाश्तानगर में भव्य चातुर्मासिक प्रवेश हुआ। सुबह श्रीमंधर स्वामी मंदिर से चल समारोह प्रारम्भ हुआ जो नाकोड़ा मंदिर पहुँचा। वहाँ पर धर्मसभा को संबोधित करते हुये वरिष्ठ साध्वी दमिता श्री जी ने भगवान महावीर के अनेकांतवाद की विस्तृत व्याख्या करते हुये उन सिद्धांतों को जीवन में ग्रहण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमें अहिंसा परमो धर्म के साथ-साथ जिन आज्ञा परमो धर्म के सिद्धांत का अनुसरण करते हुये भगवान की आज्ञा को ही धर्म मानना चाहिये। मुक्ति प्रिया श्री जी ने कहा कि जिस प्रकार वर्षा का पानी सारे कचरे को बहा देता है उसी प्रकार हमें इस चातुर्मास में क्रोध, मान, माया, लोभ, राग, द्वेष, कलह रूपी आत्मा के कचरे को बहाकर आत्मा को शुद्ध बनाना है। जिस प्रकार से पानी भरने के लिए सीधी बाल्टी रखना , बाल्टी को नल के नीचे रखना , बाल्टी का तल ( नीचे का हिस्सा) सही हो तभी पानी भरा जा सकता है उसी प्रकार से हमे हमारे दिमाग़ को सही रखना होगा तभी उसमे ज्ञान रूपी पानी भरा जा सकेगा । शिवम् प्रिया श्री जी और जिनाज्ञाश्री जी ने खुद जियो और दूसरों को जीने दो, साधु-साध्वियों के प्रति आस्था हो-रात्रि भोजन का त्याग हो, धर्म, संस्कृति और संस्कारों की रक्षा करने वाले , सुख समृद्धि देने वाले साधु-साध्वियों की रक्षा हो, अहिंसा, तप और संयम रूपी चातुर्मास का जश्न हो, जैसे वाक्यों से लोगों को आकर्षित किया। आपने बताया कि वर्षाकाल में कई जगह हरी काई जम जाती है, जिसमें जीवों की उत्पत्ति होती है, इसलिये वर्षाकाल प्रारम्भ होते ही इसका विशेष ध्यान रखना चाहिये। उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं के पालन पर जोर देते हुये कहा कि पाँव देशी और जूता विदेशी, हाथ देशी और घड़ी विदेशी, स्कूल हमारे शिक्षा विदेशी, बाजार हमारे सामान विदेश का विरोध करना चाहिये। चातुर्मास के दिनों में हमें सही तरीके से धर्म आराधना करना चाहिये। संत और नेता का अन्तर बताते हुये आपने कहा कि जो भीड़ के पीछे भागे उसे नेता कहते हैं और जिसके पीछे भीड़ भागे वह संत होते हैं। जो भाषण देते हैं वे नेता हैं और जो जीन वाणी को बताते हैं वे संत हैं। नाकोड़ा ट्रस्ट के सचिव भूपेन्द्र जैन ने बताया कि बिना नवकारसी, बेण्ड बाजों और बाहरी आडम्बरों के यह मंगल प्रवेश हुआ है। सुधीर सेठिया ने बताया कि चातुर्मासिक चौदस से प्रतिदिन महाराज श्री के प्रवचन होंगे। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष सुरेश छाजेड, प्रो.सतीश चौपड़ा, चांदमल कटारिया,अभय कटारिया , संजय जैन,रोहित जैन, राजमल जैन, आदर्श लोढ़ा , अक्षय पोरवाल , प्रदीप पोरवाल , संजय मेहता,उदित कोठारी , प्रीतेश जैन , बहू भक्ति महिला मंडल अध्यक्ष साधना पोरवाल ,सास महिला मंडल की लता जैन और प्रेमलता पोरवाल अपने सभी सदस्यों के साथ , नाकोड़ा मित्र मंडल के सदस्य घंटी बजाते हुए और रतन्त्रयी परिवार के सदस्य बैंड बाजे बजाते हुए और बड़ी संख्या में धर्म प्रेमी बंधु उपस्थित थे।