BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक में भारत का नेतृत्व “विकास भी, विरासत भी”: भारत का सकारात्मक दृष्टिकोण- शिवराज सिंह
महिला शक्ति और युवाओं पर विशेष फोकस, खाद्य सुरक्षा से टेक्नोलॉजी तक कृषि का नया रोडमैप- शिवराज सिंह
इंदौर/ नई दिल्ली, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर में आयोजित BRICS देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह बैठक छोटे किसानों के सशक्तिकरण, खाद्य सुरक्षा और कृषि में नवाचार को नई दिशा देने का मंच बनेगी।
इंदौर में आयोजित BRICS देशों के कृषि मंत्रियों का यह महत्वपूर्ण सम्मेलन भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और कृषि क्षेत्र में नेतृत्व को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज रात इंदौर में मीडिया से चर्चा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि BRICS देशों में दुनिया की लगभग आधी आबादी निवास करती है और इन देशों की कृषि संरचना में छोटे किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में इस बैठक का मुख्य फोकस छोटे किसानों की आय बढ़ाने, उनकी खेती को अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनाने तथा खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।
श्री चौहान ने कहा कि केवल अनाज उत्पादन ही नहीं, बल्कि पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना भी हमारी प्राथमिकता है। साथ ही, कृषि में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सशक्त करने और युवाओं को आधुनिक तकनीक व नवाचार के माध्यम से खेती की ओर आकर्षित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जलवायु परिवर्तन, डिजिटल एग्रीकल्चर और उन्नत तकनीकों का उपयोग भी इस बैठक के प्रमुख विषयों में शामिल है। मंत्री स्तर की बैठक में इन सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी और ठोस निर्णय लिए जाएंगे।
शिवराज सिंह ने कहा कि अतिथियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए उन्हें मांडू भी ले जाया जाएगा, जिससे भारत की परंपराओं और जीवन मूल्यों का अनुभव कराया जा सके।
श्री चौहान ने विश्वास जताया कि इस सम्मेलन के अंत में जारी होने वाला ‘इंदौर डिक्लेरेशन’ वैश्विक कृषि, खाद्य सुरक्षा और किसानों के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
