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लगातार सिरदर्द, धुंधला दिखना, याददाश्त में कमी और दौरे पड़ना हो सकते हैं ब्रेन ट्यूमर के संकेत, समय पर जांच से बच सकती है जान
*इंदौर, 08 जून 2026।* सिरदर्द को अक्सर लोग थकान, तनाव या मौसम के बदलाव का सामान्य परिणाम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यदि यह सिरदर्द लगातार बना रहे, समय के साथ बढ़ता जाए या इसके साथ दृष्टि संबंधी समस्याएं, उल्टी, चक्कर, शरीर में कमजोरी या दौरे पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस के अवसर पर केयर सीएचएल हॉस्पिटल्स इंदौर के न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी विभाग के विशेषज्ञों ने लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक रहने और शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह दी है।
केयर सीएचएल हॉस्पिटल्स इंदौर के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आशीष बागड़ी ने बताया कि* भारत में न्यूरोलॉजिकल रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में मरीज देर से अस्पताल पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को बार-बार सिरदर्द हो रहा हो और सामान्य दवाओं से आराम न मिल रहा हो, तो न्यूरोलॉजिकल जांच करवाना जरूरी है। आधुनिक एमआरआई, सीटी स्कैन और अन्य न्यूरो-इमेजिंग तकनीकों की मदद से आज ब्रेन ट्यूमर की पहचान शुरुआती चरण में संभव हो गई है, जिससे उपचार की सफलता दर भी बढ़ी है।
केयर सीएचएल हॉस्पिटल्स इंदौर के कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन डॉ. सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि* ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। बच्चों में यह कैंसर से संबंधित मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है, जबकि वयस्कों में भी इसके मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों में लगातार उल्टी, सिरदर्द, पढ़ाई में अचानक कमजोरी, संतुलन बिगड़ना या सिर का असामान्य रूप से बढ़ना जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल जांच करानी चाहिए।
केयर सीएचएल हॉस्पिटल्स इंदौर के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुनील अठाले ने कहा कि* ब्रेन ट्यूमर के सभी कारणों की स्पष्ट जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन कुछ आनुवंशिक स्थितियां, पूर्व में लिया गया रेडिएशन एक्सपोजर और कुछ दुर्लभ जोखिम कारक इसके विकास से जुड़े पाए गए हैं। हालांकि अधिकांश मामलों में इसका सटीक कारण ज्ञात नहीं होता।
विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस का उद्देश्य लोगों को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना, शुरुआती पहचान के महत्व को समझाना और मरीजों व उनके परिवारों को सही जानकारी उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता, समय पर निदान और आधुनिक उपचार सुविधाओं के संयोजन से ब्रेन ट्यूमर से होने वाली जटिलताओं और मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें या उनके परिवार के किसी सदस्य को लगातार सिरदर्द, धुंधला दिखना, बार-बार दौरे पड़ना, शरीर में कमजोरी, याददाश्त में कमी या व्यवहार में असामान्य बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए न्यूरोलॉजिस्ट या न्यूरोसर्जन से परामर्श लें। समय पर उठाया गया एक कदम जीवन बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
