संजय अग्रवाल
इंदौर /माधव एक्सप्रेस। हाल ही में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों से आए कुछ बयानों पर वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन, मध्य प्रदेश ने अपनी चिंता व्यक्त की है। फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में दिए जाने वाले बयानों में राष्ट्रीय अखंडता और सामाजिक सद्भाव का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
श्री अग्रवाल ने कहा कि देश के विभाजन के समय (1947) जिन नागरिकों ने भारत में रहने का विकल्प चुना, उन सभी का प्राथमिक दायित्व राष्ट्र के प्रति निष्ठा और संवैधानिक मूल्यों का आदर करना है। किसी भी वर्ग या नागरिक द्वारा असुरक्षा की भावना व्यक्त करते समय ऐसे शब्दों के प्रयोग से बचना चाहिए जो समाज में भ्रम या तनाव पैदा करते हों। भारत की भूमि सदैव से सर्वसमावेशी रही है, जहां सनातन संस्कृति ने सभी के अस्तित्व का सम्मान किया है।
सामाजिक एवं कानूनी सुधारों की मांग
फेडरेशन ने समाज और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यानाकर्षण किया है:
संवैधानिक मर्यादा का पालन: किसी भी प्रकार के भड़काऊ या असंतुलित बयानों पर कानून सम्मत प्रशासनिक कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण: देश की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों, ऐतिहासिक स्थलों और धार्मिक आस्थाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
कानूनी सुधार: फेडरेशन का मानना है कि जनसंख्या संतुलन, अवैध धर्मांतरण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर कानून को और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
समान नागरिक उत्तरदायित्व: देश के प्रत्येक नागरिक को जहां संविधान से समान अधिकार प्राप्त हैं, वहीं राष्ट्र के प्रति समान कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का निर्वहन भी आवश्यक है।
वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन ने आह्वान किया है कि सभी समाज जन जाति और वर्ग के भेदों से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण, शांति और एकता के मार्ग पर आगे बढ़ें।
