उज्जैन/इंगोरिया/माधव एक्सप्रेस/उज्जैन जिले में साइबर ठगी और संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत इंगोरिया थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने निवेश (इन्वेस्टमेंट) के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी गई शत-प्रतिशत राशि (1,95,058 रुपये) भी बरामद कर ली है।
निवेश के नाम पर की थी धोखाधड़ी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इंगोरिया थाना क्षेत्र के कड़ाई निवासी फरियादी गोपाल (पिता प्रेमसिंह ठाकुर) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 8 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने निवेश के नाम पर उनसे 1,95,058 रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली है। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 50/2026, धारा 318(4) एवं 319(2) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
तकनीकी साक्ष्यों से खुला आरोपी का राज
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार शर्मा तथा अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओपी) बड़नगर महेंद्र परमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी इंगोरिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए, जिससे आरोपी की लोकेशन गुजरात में मिली। आरोपी की पहचान राजेश (पिता विधिया भाई), निवासी पिपलिया, थाना लिमड़ी, जिला दाहोद (गुजरात) के रूप में हुई।
गुजरात में दबिश देकर किया गिरफ्तार
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 जून 2026 को गुजरात के दाहोद जिले में दबिश दी और आरोपी राजेश को धरदबोचा। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने फरियादी गोपाल से अलग-अलग माध्यमों से 1,95,058 रुपये की ऑनलाइन ठगी करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपी के पास से ठगी गई पूरी राशि बरामद कर ली है। आरोपी को बड़नगर के माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जहाँ पुलिस उससे अन्य साइबर अपराधों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल और ठगी के मामले का पर्दाफाश करने में निरीक्षक दीपेश व्यास, उपनिरीक्षक (उनि) राजेंद्र सिंह तोमर, सहायक उपनिरीक्षक (सउनि) दिनेश निनामा, प्रधान आरक्षक नरेंद्र सिंह परिहार, प्रधान आरक्षक अशोक कटारा, आरक्षक भोजराज परमार, आरक्षक दिलीप सिंह राणा तथा आरक्षक दीपक मालवीय की मुख्य व सराहनीय भूमिका रही।
