इंदौर 09 फरवरी, 2022
चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग तथा जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने आज यहां आयोजित बैठक में इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एमवाय अस्पताल सहित अन्य सभी अस्पतालों को आदर्श बनाये जाने को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ गहन विचार विमर्श किया। उन्होंने प्रस्तावित कार्य योजना की समीक्षा की। मंत्री श्री सारंग के कहा कि कार्ययोजना को अंतिम रूप देकर शीघ्र अमली रूप प्रदान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि एमवाय सहित अन्य अस्पतालों की व्यवस्थाओं में गुणात्मक सुधार लाया जायेगा। यह प्रयास किये जायेंगे कि इन अस्पतालों में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं रहे। मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं और अत्याधुनिक इलाज मिले।
बैठक में उन्होंने कहा कि एमवाय अस्पताल और अन्य अस्पतालों की एक समन्वित कार्ययोजना तैयार हो। मरीजों से बेहतर संवाद और उन्हें अन्य उपयोगी जानकारी देने के लिये हेल्पलाइन की व्यवस्था भी की जाये। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाये कि एमवाय के केज्यूलिटी में 24 घंटे स्टॉफ तैनात रहे। इसके लिये भी एक हेल्पलाइन नम्बर हो।
बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि एमवाय सहित मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सभी अस्पतालों को आदर्श बनाया जाये। इस दिशा में तेजी से प्रयास किये जा रहे है। कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बैठक में एमजीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एमवाय अस्पताल सहित अन्य सभी अस्पतालों को आदर्श बनाये जाने के संबंध में प्रस्तावित कार्ययोजना के बारे में बिन्दुवार चर्चा की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी अपने-अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये।
बैठक में संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर श्री मनीष सिंह, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री जयपाल सिंह चावड़ा, विधायक श्री आकाश विजयवर्गीय, श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति राज्य वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री सावन सोनकर, पूर्व विधायक श्री मनोज पटेल, इंदौर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष मधु वर्मा, श्री गौरव रणदिवे, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित, एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पी.एस. ठाकुर सहित एमजीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सभी चिकित्सालयो के अधीक्षक उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि सभी अस्पतालों में एसटीपी और ईटीपी प्लांट भी अनिवार्य रूप से बनाये जायेंगे। बताया गया कि मेडिकल कॉलेज तथा उनसे संबद्ध अस्पतालों को आदर्श बनाये जाने के संबंध में अनेक प्रस्ताव तैयार किये गये है।
इसके अनुसार एमवाय अस्पताल में तीन नई लिफ्ट लगाने, अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर बनाने, माड्यूलर ओटी बनाने, दो सौ बेड का एक डे केयर सेंटर बनाने, मानसिक चिकित्सालय के उन्नयन, चाचा नेहरू अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर 400 तक करने, चार नये ऑपरेशन थिएटर बनाने, एक नया आईसीयू वार्ड बनाने, एमटीएच अस्पताल, कैंसर अस्पताल को नया तथा अत्याधुनिक चिकित्सा से युक्त बनाने, एमवाय अस्पताल में आधुनिक वायरोलॉजी लेब बनाने, एमवाय अस्पताल के सौंदर्यीकरण, मल्टीलेवल पार्किंग बनाने, सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में डायलेसिस मशीने तथा रोबोटिक ऑपरेशन की व्यवस्था करने आदि के प्रस्ताव मुख्य रूप से तैयार किये गये है। इन कार्यों पर लगभग दो सौ करोड़ रूपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
