लेखक: श्री संजय अग्रवाल
अध्यक्ष, वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी इंदौर में, मालवा की माटी पर पवित्र आशीर्वाद बरसने वाला एक महान अवसर आ रहा है। 21 और 22 मार्च 2026 को लता मंगेशकर सभागार (IDA) में बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता श्री आशुतोष राणा द्वारा अभिनीत महानाट्य “हमारे राम” का पुनर्मंचन होने जा रहा है। यह नाटक मात्र एक नाटकीय प्रस्तुति नहीं, बल्कि भगवान श्री राम की दिव्य लीला, उनके आदर्श, त्याग, मर्यादा और रामराज्य की संपूर्ण भावना को मंच पर जीवंत करने वाला एक अनुपम कला-यज्ञ है।
हमारे राम महानाट्य रामायण की कथा को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है। यह नाटक लव-कुश से प्रारंभ होता है, जहां वे अपनी माता सीता माता से भगवान राम के बारे में प्रश्न करते हैं। इसी के माध्यम से पूरी रामकथा—जन्म से लेकर वनवास, रावण वध, लंका विजय और अयोध्या वापसी तक—एक भावपूर्ण, संगीतमय और नाटकीय ढंग से उकेरी जाती है। निर्देशक गौरव भारद्वाज की कुशल में यह नाटक 450 से अधिक बार मंचित हो चुका है, जिसमें देश-विदेश के अनेक मंच शामिल हैं। अब यह महानाट्य इंदौर की धरती पर अपनी छाप छोड़ने आ रहा है।
आशुतोष राणा का रावण अवतार: रोंगटे खड़े कर देने वाला
इस नाटक की सबसे चर्चित भूमिका है—रावण। बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता श्री आशुतोष राणा ने रावण के चरित्र को इतनी गहराई, शक्ति और भावुकता से निभाया है कि दर्शक कई बार स्तब्ध रह जाते हैं। उनका रावण न तो मात्र खलनायक है, न ही एक आयामी चरित्र—वह एक विद्वान, शक्तिशाली, लेकिन अहंकार से ग्रस्त राजा है, जिसकी गलतियां उसे पतन की ओर ले जाती हैं। आशुतोष जी का अभिनय इतना प्रभावशाली है कि दर्शक रावण के साथ क्रोध, दया और अंततः करुणा भी महसूस करते हैं। कई समीक्षकों ने कहा है कि उनका रावण अवतार “रोंगटे खड़े कर देने वाला” है। साथ ही राहुल आर. भूचर, दानिश अख्तर, हरलीन कौर रेखी, करण शर्मा जैसे कलाकारों की टीम इस नाटक को और भी जीवंत बनाती है।
सांस्कृतिक महत्व और वर्तमान संदर्भ
आज के युग में जब राम मंदिर अयोध्या में भव्य रूप से स्थापित हो चुका है, और पूरा विश्व “राम राज” की कल्पना कर रहा है, तब हमारे राम जैसे नाटक केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरण का माध्यम बन जाते हैं। यह नाटक हमें याद दिलाता है कि राम केवल एक धार्मिक चरित्र नहीं, अपितु मर्यादा पुरुषोत्तम, आदर्श पुत्र, पति, भाई और राजा हैं—जिनके जीवन से हम सब कुछ सीख सकते हैं।
वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश की ओर से हम इस महानाट्य को पूरे हृदय से समर्थन देते हैं। हिंदू संस्कृति की रक्षा, प्रचार और प्रसार हमारा मूल मंत्र है। ऐसे नाटक जो रामकथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाते हैं, वे हमारी सनातन परंपरा को मजबूत करते हैं। इंदौर जैसे शहर में, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों की परंपरा मजबूत है, यह प्रस्तुति हजारों श्रद्धालुओं को एकजुट करेगी।
आमंत्रण और अपील
मैं सभी रामभक्तों, संस्कृति प्रेमियों, युवाओं और परिवारों से अपील करता हूं कि 21 और 22 मार्च 2026 को लता मंगेशकर सभागार पहुंचें। टिकट बुकिंग BookMyShow पर उपलब्ध है। यह केवल एक नाटक नहीं देखना है—यह भगवान राम के चरणों में श्रद्धा अर्पित करने का अवसर है।
