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इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में इन दिनों पारंपरिक पर्व गणगौर का उत्साह चरम पर है। शहर में विभिन्न स्थानों पर महिलाएं श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ इस पर्व को मना रही हैं।
कृष्णा बोराना ने बताया कि हम
पीपा क्षत्रिय महिला मंडल के तत्वावधान में गणगौर के अवसर पर भव्य बाना निकाला गया। यह बाना बटुकेश्वर उद्यान से प्रारंभ होकर द्वारिकाधीश मंदिर, बजाज खाना चौक तक पहुंचा। यात्रा के दौरान महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी नजर आईं, जिससे पूरा वातावरण रंगीन और सांस्कृतिक भावनाओं से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने गणगौर माता और ईसर जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पारंपरिक दोहे और गीत गाते हुए महिलाओं ने अपने-अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना की। “गोर गोर गोमती, ईसर पूजे पार्वती…” जैसे पारंपरिक गीतों से माहौल भक्तिमय हो उठा।
गणगौर पर्व की परंपरा के अनुसार, प्रथम दिन ज्वारे बोए जाते हैं और सोलह दिनों तक विशेष पूजा की जाती है। इस दौरान सुहागन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं भगवान शिव जैसे वर की कामना करती हैं।
इस अवसर पर अमृता वर्मा ने बताया कि गणगौर पर्व हमारी संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझें और उसे आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं।
गणगौर के इस आयोजन ने शहर में परंपरा, आस्था और सामाजिक एकता का सुंदर संदेश दिया।
