नेशनल हाईवे पर हुई बैठक में आंदोलन की रणनीति तय, सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप
तराना। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कांग्रेस द्वारा 7 मई को नेशनल हाईवे पर चक्काजाम करने का ऐलान किया गया है। इसी क्रम में नेशनल हाईवे पर एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में किसान एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि किसानों के हित में शांतिपूर्ण तरीके से चक्काजाम किया जाएगा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण किसानों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, इसी के विरोध में यह मुद्दा उठाया गया है।
किसानों ने अपनी समस्याओं को रखते हुए बताया कि सोसाइटी में स्लॉट बुकिंग की दिक्कत, गेहूं तुलवाने एवं पंजीयन कराने में आ रही परेशानियां उन्हें प्रभावित कर रही हैं। इसके साथ ही खराब मौसम के चलते अनाज को नुकसान हो रहा है और किसानों के खातों में समय पर भुगतान नहीं पहुंचने से आर्थिक संकट गहरा रहा है।
बैठक में प्रमुख रूप से सज्जन सिंह वर्मा, महेश परमार, नरेश्वर कप्तान, विकास भारती, मेहरबान सिंह गुर्जर सहित कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभी वक्ताओं ने किसानों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में 7 मई को नेशनल हाईवे पर पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाएं और अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करें।