नवरात्रि मांग और कच्चे माल की कमी प्रमुख कारण
सेलम, 9 मार्च 2026। मार्च माह के पहले सप्ताह में साबूदाना के प्रमुख उत्पादन केंद्र सेलम (तमिलनाडु) के साबुदाना बाजार में करीब 15 प्रतिशत से अधिक की उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है।
46 वर्षों से साबुदाना व्यापार से जुड़े वरिष्ठ उद्योगपति, बाजार विश्लेषक और साबु ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड, सेलम के संस्थापक चेयरमैन श्री गोपाल जी साबु के अनुसार इस वृद्धि के पीछे मुख्यतः तीन कारण हैं—कच्चे माल की आपूर्ति में कमी, आगामी नवरात्रि पर्व से मांग में वृद्धि, तथा परिवहन लागत में बढ़ोतरी।
श्री साबु ने बताया कि ताजे कंद (टैपिओका) की उपलब्धता लगभग समाप्त हो चुकी है, जिससे कच्चे माल के भाव में लगभग ₹250 प्रति क्विंटल तक की वृद्धि देखी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि उच्च गुणवत्ता वाले माल की संभावित कमी की आशंका के चलते स्टॉकिस्टों द्वारा खरीदारी बढ़ाई जा रही है, जिससे बाजार में तेजी को और बल मिला है।
20 मार्च से आरम्भ होने वाले नवरात्रि पर्व के मद्देनज़र देशभर के बाजारों में विक्रेताओं और उपभोक्ताओं की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। श्री साबु के अनुसार, इस मांग को देखते हुए निर्माता फिलहाल सीमित मात्रा में ही विक्रय कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें भाव और बढ़ने की संभावना दिखाई दे रही है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान वैश्विक परिवहन चुनौतियों के कारण माल ढुलाई प्रभावित हो रही है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं तथा माल भाड़े में भी वृद्धि देखी जा रही है। इन सभी कारकों के संयुक्त प्रभाव से फिलहाल साबुदाना बाजार में मजबूती का रुख बना हुआ है।
साबु ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड, सेलम द्वारा एगमार्क परीक्षित साबूदाना, साबूदाना पापड़, टैपिओका स्टार्च, सॉर्टेक्स-क्लीन मिलेट्स, एगमार्क परीक्षित सेलम हल्दी पाउडर, नारियल बूर्रा तथा ग्लूटेन-मुक्त कंद-मीलेट फरियाली आटा जैसे कृषि उत्पादों का उत्पादन तथा थोक एवं उपभोक्ता पैकिंग में देश के साथ-साथ विदेशों में भी विपणन किया जाता है। कंपनी के पंजीकृत ब्रांडों में सच्चासाबु, चक्र, अल्पाहार, कुकरी जॉकी, शिवज्योति और असलमोती प्रमुख हैं।
श्री साबु के अनुसार आने वाले दिनों में बाजार की दिशा मुख्यतः मांग, आपूर्ति तथा त्योहारों की खपत पर निर्भर करेगी। उनके अनुसार वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अच्छी गुणवत्ता वाले शुद्ध सेलम साबूदाना का वर्तमान स्तर पर भी भंडारण इस वर्ष भविष्य में लाभदायक हो सकता है।
