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मुंबई । हाल ही में रिलीज हुई फिल्म दो दीवाने सहर में अभिनेत्री संदीपा धर नजर आईं। इस फिल्म में संदीपा ने नैना नाम की एक ऐसी लड़की का किरदार निभाया है जो बाहर से तो परफेक्ट दिखती है, लेकिन अंदर से बेहद अकेली है। अपने किरदार के बारे में संदीपा ने बताया कि इस फिल्म को चुनने की सबसे बड़ी वजह नैना का जटिल और गहराई वाला किरदार था। उनके अनुसार, बाहरी खुशहाल छवि के पीछे छिपी उथल-पुथल और टूटे हुए एहसासों को परदे पर दिखाना एक कलाकार के रूप में चुनौतीपूर्ण होने के साथ बेहद रोमांचक भी रहा। संदीपा ने फिल्म की कहानी की भी जमकर तारीफ की और कहा कि लंबे समय बाद दर्शकों के सामने ऐसी अनूठी प्रेम कहानी आई है, जो सामान्य रोमांस से अलग है। यह दो ऐसे लोगों की कहानी है जो अपनी-अपनी कमजोरियों को पहचानते हैं, उन्हें स्वीकार करते हैं और एक-दूसरे को अपनाते हुए अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते हैं। उनके मुताबिक, हीरो-हीरोइन द्वारा अपनी कमियों को स्वीकारते हुए प्यार चुनने वाली कहानियां आजकल बहुत कम देखने को मिलती हैं। फिल्म की रिलीज के बाद संदीपा धर बेहद संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म बिल्कुल उसी तरह बनी है जैसा उन्होंने उम्मीद की थी और उनका किरदार भी दर्शकों द्वारा उसी रूप में स्वीकार किया गया। उन्होंने बताया कि फिल्म के दूसरे हिस्से में उनका और अभिनेत्री मृणाल ठाकुर का टकराव वाला सीन काफी महत्वपूर्ण था, और यह दर्शकों के बीच खासा चर्चित भी रहा। कई लोगों ने उस सीन से खुद को जोड़कर उनकी तारीफ की है। फिल्म का निर्देशन रवि उदयवार ने किया है, जबकि इसे प्रतिष्ठित फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली, प्रेरणा सिंह, उमेश कुमार बंसल और भरत कुमार ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। संदीपा ने भंसाली के प्रोडक्शन हाउस में काम करने के अनुभव को खास बताते हुए कहा कि उनका विजुअल विजन हमेशा की तरह बेहद प्रभावशाली है। वहीं, निर्देशक रवि उदयवार की विजुअल स्टोरीटेलिंग ने भी फिल्म को और निखार दिया। मुंबई और उत्तराखंड की खूबसूरती को फिल्म में जिस तरह पेश किया गया है, वह दर्शकों के लिए एक आकर्षक अनुभव बन जाता है। अंत में संदीपा ने कहा कि फिल्म केवल एक प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि इसमें भाई-बहनों में तुलना, सेल्फ-वर्थ, वैलिडेशन की जरूरत, सिस्टरहुड, फैमिली वैल्यूज जैसे कई संवेदनशील मुद्दों को भी बड़ी खूबसूरती से छुआ गया है।
