Aaj ka Panchang 3 November 2026: उत्तर दिशा में यात्रा करने से बचें, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूरा पंचांग
Spread the loveAaj ka Panchang 3 November 2026:...
Spread the loveAaj ka Panchang 3 November 2026:...
Spread the love राजीव रंजन प्रसाद ने कायस्थ...
Spread the loveAaj Ka Rashifal 3 November 2026:आचार्य...
… इसे नफरत में मत गंवाइएकभी-कभी जिंदगी हमें ऐसा सबक दे जाती है, जिसे पढ़ने के लिए किसी किताब की जरूरत नहीं पड़ती।राजस्थान के एक नगर निगम चुनाव में एक निर्दलीय प्रत्याशी पार्षद का चुनाव जीत गया। परिणाम आया तो जीत की खुशी में उसने अपने समर्थकों के साथ जश्न मनाया। चेहरे पर मुस्कान थी, आंखों में सपने थे और शायद आने वाले दिनों के लिए बहुत सारी योजनाएं भी।लेकिन जिंदगी ने अगले ही दिन ऐसी करवट ली, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।जिस जीत का जश्न उसने कल मनाया था, आज वह इस दुनिया में नहीं था।सोचिए…कल तक जो इंसान अपने लोगों के बीच खड़ा होकर खुशियां बांट रहा था, आज उसकी तस्वीर के सामने लोग आंसू बहा रहे होंगे।बस यहीं से एक सवाल पैदा होता हैहम आखिर किस बात का इतना घमंड करते हैं?किस बात की इतनी नफरत पालते हैं?किस बात का इतना बैर रखते हैं?हम किसी से नाराज होते हैं, किसी की बुराई करते हैं, किसी की चुगली करते हैं, किसी को नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं। किसी की तरक्की देखकर जलते हैं और किसी के दुख में भी मन ही मन खुश हो जाते हैं।कभी-कभी तो हम किसी इंसान को इतना नापसंद करने लगते हैं कि उसके बारे में बुरा सोचना भी हमारी आदत बन जाती है।भाई, बहन… यह सब बंद कर दो।क्योंकि जिंदगी बहुत छोटी है।और उससे भी बड़ी बात यह है कि जिंदगी भरोसे की चीज नहीं है।जिस इंसान ने कल जीत का जश्न मनाया, उसे शायद यह पता ही नहीं था कि उसके पास अपनी खुशी मनाने के लिए सिर्फ एक दिन बचा है।उसे क्या मालूम था कि अगली सुबह उसकी जिंदगी की आखिरी सुबह होगी?हमें भी नहीं मालूम।आपको भी नहीं मालूम।मुझे भी नहीं मालूम।फिर किस बात की दुश्मनी?किस बात का अहंकार?किस बात की नफरत?हम इस दुनिया में एक बार इंसान बनकर आए हैं। अगला जन्म होगा या नहीं होगा, होगा तो कैसा होगा किसी को नहीं पता।लेकिन इतना जरूर पता है कि यह जिंदगी दोबारा नहीं मिलेगी।तो क्यों न इसी जिंदगी में थोड़ा प्यार कर लिया जाए?क्यों न किसी रूठे हुए इंसान को मना लिया जाए?क्यों न किसी से माफी मांग ली जाए?क्यों न किसी को माफ कर दिया जाए?क्यों न किसी की खुशी में दिल से खुश हुआ जाए?क्यों न किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश की जाए?क्यों न चार लोगों की जिंदगी में थोड़ी-सी खुशी बांट दी जाए?हम अक्सर सोचते हैं“अभी बहुत समय पड़ा है…”लेकिन जिंदगी कभी यह वादा नहीं करती कि “हाँ, तुम्हारे पास बहुत समय है।”कभी कोई व्यक्ति करोड़ों की योजनाएं बनाता है और अगले दिन चला जाता है।कोई अपने बच्चों के भविष्य की चिंता करता है और अचानक उसकी अपनी यात्रा समाप्त हो जाती है।कोई घर बनाने का सपना देखता है और घर बनने से पहले ही दुनिया छोड़ देता है।और कोई चुनाव जीतकर अगले दिन दुनिया से हार जाता है।इसलिए जिंदगी को कल पर मत टालिए।प्यार करना है तो आज कीजिए।माफी मांगनी है तो आज मांगिए।माफ करना है तो आज कर दीजिए।खुशियां बांटनी हैं तो आज बांटिए।क्योंकि शायद…कल हो ही नहीं।और अगर कल आया भी, तो जरूरी नहीं कि हम उसमें मौजूद हों।इसलिए किसी से इतनी नफरत मत कीजिए कि उसके जाने के बाद आपको अपने ही शब्द याद आकर दुख दें।किसी को इतना मत सताइए कि उसकी खामोशी भी आपको जिंदगी भर सुनाई देती रहे।किसी का बुरा मत चाहिए।क्योंकि सामने वाला आपका दुश्मन हो सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि वह आपकी जिंदगी का दुश्मन बनकर ही जाए।आखिर में हम सबको जाना एक ही जगह है।न पद साथ जाएगा, न पैसा।न जीत साथ जाएगी, न हार।न बहस याद रहेगी, न अहंकार।पीछे अगर कुछ बचेगा तो सिर्फ यही किहमने कितने लोगों को प्यार दिया,कितने लोगों की जिंदगी में खुशियां बांटीऔर कितने दिलों को सुकून दिया।इसलिए आज से एक छोटी-सी कोशिश कीजिए।नफरत कम कीजिए।मोहब्बत बढ़ाइए।बुराई कम कीजिए।दुआएं ज्यादा दीजिए।दुश्मनी कम कीजिए।रिश्ते ज्यादा बचाइए।क्योंकि जिंदगी का कोई भरोसा नहीं।कल जो हमारे बीच था, आज नहीं है।और जो आज हमारे बीच है…जरूरी नहीं कि कल भी हमारे बीच हो।इसलिए…जिंदगी एक ही मिली है।इसे शिकायतों में नहीं, मोहब्बत में बिताइए।इसे नफरत में नहीं, खुशियां बांटने में लगाइए।क्योंकि मौत कब दरवाजे पर दस्तक दे देयह किसी को नहीं पता।
