तिरुपति सोलिटेयर में सादगी, अनुशासन और सौहार्द के साथ मनाई गई होली
उज्जैन। रंगों और उल्लास का पर्व होली इस वर्ष तिरुपति सोलिटेयर कॉलोनी में सादगी, अनुशासन और आपसी सौहार्द के वातावरण में मनाया गया। बिना किसी आडंबर, डीजे या अनावश्यक शोर-शराबे के कॉलोनीवासियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शांतिपूर्ण ढंग से रंगोत्सव मनाकर सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
होलिका दहन के अवसर पर कॉलोनी परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने अग्नि की परिक्रमा कर परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान बच्चों में उत्साह का विशेष माहौल देखने को मिला। आयोजन समिति द्वारा सुरक्षा और स्वच्छता के विशेष प्रबंध किए गए थे, जिससे कार्यक्रम सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
धुलेंडी के दिन बच्चों और युवाओं ने प्राकृतिक रंगों और गुलाल से सीमित एवं सुरक्षित रूप से होली खेली। जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए पानी का न्यूनतम उपयोग किया गया। बुजुर्गों ने नवपीढ़ी को आशीर्वाद देते हुए प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश दिया। कॉलोनी में हर आयु वर्ग की सहभागिता ने पारिवारिक वातावरण को और मजबूत किया।
कॉलोनीवासियों ने बताया कि त्योहार का वास्तविक आनंद दिखावे या बाहरी तामझाम में नहीं, बल्कि आपसी सम्मान, संयम और संस्कारों में निहित है। तिरुपति सोलिटेयर के निवासियों ने अपने अनुशासित और संस्कारित आयोजन के माध्यम से क्षेत्र में सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रमों का समापन पारंपरिक व्यंजनों के सामूहिक आयोजन और पारिवारिक मिलन के साथ हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं तथा समाज में शांति, सौहार्द और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस प्रकार तिरुपति सोलिटेयर में मनाई गई होली ने यह संदेश दिया कि जब उत्सव में संस्कार, जिम्मेदारी और सामाजिक एकजुटता का समावेश हो, तभी वह पर्व वास्तविक अर्थों में सफल और प्रेरणादायी बनता है।