माधव एक्सप्रेस,उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल की दिव्य भस्म आरती की अनुमति दिलाने के नाम पर श्रद्धालुओं से मोटी रकम वसूलने का एक बड़ा मामला सामने आया है। बीती मध्य रात्रि को महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक एवं अपर कलेक्टर श्री प्रथम कौशिक द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में इस गड़बड़ी का भंडाफोड़ हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाकाल थाना पुलिस ने तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मध्य रात्रि को हुआ औचक निरीक्षण, श्रद्धालुओं ने बयां की आपबीती
गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे प्रशासक श्री प्रथम कौशिक अचानक मंदिर परिसर पहुंचे। उन्होंने नीलकंठ द्वार से प्रवेश करने वाले और मानसरोवर मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं की भस्म आरती अनुमति (परमिशन) पत्रों की सघन जांच शुरू की।
जब वे गेट क्रमांक 1 पर पहुंचे, तो वहां मौजूद तीन श्रद्धालुओं ने सीधे प्रशासक से बिचौलियों की शिकायत की। श्रद्धालुओं ने बताया कि भस्म आरती की अनुमति दिलाने के नाम पर उनसे ₹2500 प्रति व्यक्ति के हिसाब से अतिरिक्त अवैध राशि वसूली गई थी।
बड़ी कार्रवाई: शिकायत मिलते ही प्रशासन एक्शन मोड में आया। रात में ही महाकाल थाने में शिकायती आवेदन दिया गया, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रशासन का बड़ा फैसला: अब केवल ‘नीलकंठ द्वार’ से ही मिलेगा प्रवेश
इस औचक निरीक्षण और धांधली के सामने आने के बाद मंदिर प्रशासक ने व्यवस्थाओं को और कड़ा करने के निर्देश दिए हैं। बिचौलियों के नेटवर्क को तोड़ने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए अब भस्म आरती के प्रवेश मार्ग में बड़ा बदलाव किया गया है।
एकमात्र प्रवेश द्वार: अब भस्म आरती में सम्मिलित होने वाले श्रद्धालुओं के लिए नीलकंठ प्रवेश द्वार को ही एकमात्र एंट्री पॉइंट बनाया जाएगा।
त्वरित निराकरण: प्रशासक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो और उनकी शिकायतों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जाए।
पत्रिका/समाचार अलर्ट: बिचौलियों से सावधान रहें श्रद्धालु
महाकाल मंदिर प्रशासन ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भस्म आरती की बुकिंग के लिए केवल मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों का ही उपयोग करें। निर्धारित शुल्क से अधिक राशि का भुगतान किसी भी व्यक्ति को न करें। यदि कोई भी व्यक्ति अनुमति दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो तुरंत इसकी सूचना मंदिर कार्यालय या तैनात सुरक्षाकर्मियों को दें।
