इंदौर 05 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के *केंद्रीय संचार ब्यूरो*, *इंदौर* द्वारा एसकेसी-एलएनसीटी महाविद्यालय, इंदौर में थीम “Beat Plastic Pollution” के अंतर्गत प्लास्टिक प्रदूषण के विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के *भारत पर्यटन, इंदौर* तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के *मेरा युवा भारत* (मायभारत), इंदौर कार्यालय ने भी सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय संचार ब्यूरो, इंदौर के प्रचार अधिकारी *श्री दिलीप सिंह परमार* ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 1972 में प्रारंभ किए गए विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विश्व में प्रतिवर्ष लगभग 40 करोड़ टन प्लास्टिक का उत्पादन होता है, जिसमें से केवल 9 प्रतिशत ही पुनर्चक्रित (रीसाइकिल) हो पाता है। भारत में प्रतिवर्ष लगभग 34 लाख टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है, जबकि माइक्रोप्लास्टिक मानव रक्त एवं फेफड़ों तक पहुँच चुका है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि देश में स्वच्छता का सात बार राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करने वाले इंदौर शहर के कचरे में भी लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा प्लास्टिक का है। खान नदी एवं सिरपुर तालाब में प्लास्टिक अपशिष्ट की समस्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2025 पृथ्वी के इतिहास का सर्वाधिक गर्म वर्ष दर्ज किया गया तथा मालवा क्षेत्र में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुँच गया था।श्री परमार ने पर्यावरण संरक्षण हेतु नागरिकों को “3E फॉर्मूला” – Educate, Eliminate एवं Engage अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग बंद करने, कपड़े के थैले एवं स्टील की बोतलों को अपनाने तथा गीले एवं सूखे कचरे को पृथक-पृथक एकत्रित करने की अपील की। उन्होंने इंदौर के बायो-सीएनजी संयंत्रों एवं जीरो-वेस्ट सोसायटियों का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि सामूहिक प्रयासों से पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान संभव है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों को “Rethink, Refuse, Repeat” के तीन पर्यावरणीय संकल्प दिलाए गए तथा प्रेरक नारा “*धरती माता करे पुकार*, *प्लास्टिक का करो बहिष्कार*” दिया गया।
इस अवसर पर मेरा युवा भारत (मायभारत), इंदौर के उप निदेशक *श्री पंकज गोस्वामी* ने युवाओं को मायभारत पोर्टल से जुड़कर राष्ट्र निर्माण एवं सामाजिक सरोकारों से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया तथा पोर्टल की विभिन्न योजनाओं एवं अवसरों की जानकारी दी। वहीं भारत पर्यटन, इंदौर के *श्री जय तिवारी* ने पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित जन-जागरूकता एवं पर्यटन संवर्धन कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय संचार ब्यूरो, इंदौर के *श्री शाकिर मंसूरी* द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस विषयक प्रश्नमंच प्रतियोगिता का संचालन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन *श्रीमती नीलम शर्मा*, एनसीसी कार्यक्रम अधिकारी एलएनसीटी महाविद्यालय, इंदौर द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में “*एक पेड़ माँ के नाम*” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे लगाए।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण केंद्रीय संचार ब्यूरो, भोपाल से संबद्ध गीत एवं नाटक दल “भारती कला मंडल” की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रहीं। दल द्वारा प्रस्तुत आकर्षक “*पौधा मटकी एवं मोर नृत्य”* ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश मनोरंजक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की मुक्तकंठ से सराहना की।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, एनसीसी कैडेट्स, विद्यार्थी एवं युवा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना था।
