सुकमा, 3 मार्च 2026
जिला प्रशासन सुकमा एवं शिक्षार्थ ट्रस्ट के संयुक्त सहयोग से शिक्षार्थ ट्रस्ट के लर्निंग लैब कार्यक्रम अंतर्गत 28 फरवरी 2026 को एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला कलेक्टर श्री अमित कुमार निर्देशन एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री जीआर मंडावी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों को कक्षा शिक्षण से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन से जुड़े ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना था।
इस शैक्षणिक भ्रमण में कुल 73 विद्यार्थी शामिल हुए, जिनमें कक्षा 4 के 35 एवं कक्षा 5 के 38 विद्यार्थी थे। इनके साथ 14 शिक्षक एवं सुविधादाता भी उपस्थित रहे। विशेष रूप से 42 विद्यार्थी विकासखंड कोंटा से शामिल हुए, जबकि अन्य विद्यार्थी सुकमा एवं छिंदगढ़ विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों से थे। इस भ्रमण में प्राथमिक विद्यालय मिसमा, मणिकोंटा, लेंड्रा, चिचोरगुड़ा (कोंटा), प्राथमिक विद्यालय बुड़दी एवं बोरगुड़ा (सुकमा), तथा प्राथमिक विद्यालय लाठीपारा (छिंदगढ़) के विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने माँ दंतेश्वरी मंदिर पहुंचकर क्षेत्र की आस्था एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा। इस दौरान विद्यार्थियों को फागुन मड़ई जैसे पारंपरिक आयोजनों से जुड़े सांस्कृतिक संदर्भों की जानकारी भी दी गई, जिससे उन्हें स्थानीय जनजीवन एवं परंपराओं को निकट से समझने का अवसर मिला।
इसके पश्चात विद्यार्थियों ने बारसूर स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक मंदिरों का अवलोकन किया, जिनमें गणेश मंदिर, मामा-भाचा मंदिर तथा बत्तीसा मंदिर शामिल हैं। इन मंदिरों के माध्यम से विद्यार्थियों को क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक एवं स्थापत्य कला की जानकारी प्राप्त हुई। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को इन मंदिरों के ऐतिहासिक महत्व, निर्माण शैली एवं सांस्कृतिक विरासत के बारे में विस्तार से बताया, जिससे विद्यार्थियों में अपने क्षेत्र की विरासत के प्रति जिज्ञासा एवं गर्व की भावना विकसित हुई।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने दंतेवाड़ा रेलवे स्टेशन का भी अवलोकन किया। यह अनुभव विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उत्साहजनक रहा, क्योंकि अनेक विद्यार्थियों ने पहली बार रेलवे स्टेशन एवं ट्रेन को इतने निकट से देखा। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक ट्रेनों के डिब्बों की गणना की, रेलवे की कार्यप्रणाली को समझा तथा यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। यह अनुभव उनके लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक साबित हुआ।
इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह, जिज्ञासा एवं सीखने की प्रबल इच्छा स्पष्ट रूप से देखने को मिली। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने इस भ्रमण के माध्यम से नई चीजें सीखीं और अपने क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को बेहतर ढंग से समझा।
