इंदौर-कटनी के दद्दा धाम में संपन्न पूज्य गृहस्थ संत परम् पूज्य गुरुदेव पंडित श्री देव प्रभाकर शास्त्री ‘दद्दाजी’
की विग्रह प्राण-प्रतिष्ठा का पाँच दिवसीय महोत्सव भक्तिभाव का ऐसा अद्वितीय पर्व बन गया, जिसने पूरे
वातावरण को दिव्यता से भर दिया। देश के कोने-कोने से उमड़े श्रद्धालुओं के अथाह सागर ने इस आयोजन को
एक अलौकिक आध्यात्मिक उत्सव का रूप दे दिया।
दद्दाजी की वाणी और उपदेशों के प्रति अटूट आस्था ही वह धागा थी, जिसने महोत्सव के पाँच दिनों में पहुँचे
लगभग 7 लाख श्रद्धालुओं को एक ही भाव-धारा में पिरोए रखा। केवल अंतिम दिन ही करीब 1.35 लाख भक्तों
का जनसागर उमड़ पड़ा, जिससे यह आयोजन क्षेत्र के सबसे विराट आध्यात्मिक समागमों में दर्ज हो गया।
विशालता, उल्लास और गहन भक्ति से गूँजते इस पर्व में मंदिर परिसर मंत्रोच्चार और भाव-विभोर श्रद्धा से भर
उठा। यह वे क्षण थे जिनकी प्रतीक्षा दद्दाजी के भक्त बरसों से कर रहे थे, और जिन्होंने उनकी आस्था को एक
अविस्मरणीय दिव्यता में रूपांतरित कर दिया।
अभूतपूर्व जनसमर्थन के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए महोत्सव के मुख्य आयोजक, दद्दाजी मंदिर
निर्माण समिति के संरक्षक और दद्दाजी के अनन्य भक्त श्री संजय सत्येंद्र पाठक ने कटनी की जनता, स्थानीय
प्रशासन, संतसमाज और प्रत्येक श्रद्धालु को इस ऐतिहासिक महोत्सव को सफल बनाने में उनके अमूल्य सहयोग
के लिए धन्यवाद अर्पित किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में केंद्रीय मंत्री
शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, गोविंद सिंह
राजपूत सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने दद्दाजी के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा प्रकट करते हुए कार्यक्रम में
उपस्थिति दर्ज की। संजय सत्येंद्र पाठक ने विशेष रूप से प्रशासन और पुलिस विभाग के उन सभी अधिकारियों
और कर्मचारियों की सराहना की, जिन्होंने पूरे मन, परिश्रम और निष्ठा से इस विराट आयोजन को निर्विघ्न और
सफल बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, ‘दद्दाजी की शिक्षाओं के प्रति लोगों की अटूट आस्था
महोत्सव के हर पल, हर दृश्य और हर भाव में झलक रही थी।’ उन्होंने यह घोषणा भी की कि अब प्रतिवर्ष
प्राण-प्रतिष्ठा दिवस के अवसर पर इसी भव्यता और उत्साह के साथ महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
महोत्सव के दौरान दद्दा धाम एक जीवंत और दिव्य आध्यात्मिक केंद्र में परिवर्तित हो गया। इस पावन अवसर
पर 20 से अधिक पूज्य संत और अध्यात्मिक गुरु उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की गरिमा और भक्ति-भाव को
और ऊँचाई दी। मंदिर परिसर में पवित्र मंत्रोच्चार, रुद्राभिषेक, पार्थिव शिवलिंग निर्माण, कलश यात्रा, हवन,
अभिषेक, आरती, भजन, कथावाचन और पूर्णाहुति जैसे विविध अनुष्ठानों की भव्य गूँज फैली, जिसने दूर-दूर से
आए श्रद्धालुओं के हृदयों में आध्यात्मिक उमंग भर दी। संत उत्तम स्वामी, संत फ्लाइट बाबा, संत माधव शरण,
संत आनंद गिरी सहित अनेक पूज्य संतों की उपस्थिति ने महोत्सव के वातावरण को और भी दिव्य बना दिया।
उनके पावन आशीर्वाद और उपस्थिति ने भक्तिभाव की भव्यता को चरम पर पहुँचाया और दद्दा धाम को एक
अद्वितीय आध्यात्मिक महोत्सव का स्वरूप प्रदान किया।
इस भव्य समारोह में दद्दाजी के प्रमुख भक्तों के साथ-साथ देशभर से आए एक दर्जन से अधिक राजनीतिक
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता और बढ़ा दी। पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज
सिंह चौहान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व गृह मंत्री
नरोत्तम मिश्रा, सांसद वी.डी. शर्मा और विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह सहित अनेक नेता इस पावन अवसर पर
उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त अभिनेता अशुतोष राणा और राजपाल यादव ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर
अपनी श्रद्धा और आस्था प्रकट की। इस संगम ने महोत्सव के वातावरण को और भी दिव्य और प्रेरणादायक बना
दिया।
विशाल जनसागर का सहज और व्यवस्थित रूप से स्वागत करने के लिए दद्दाजी शिष्य मंडल और दद्दाजी मंदिर
निर्माण समिति ने हर पहलू की बारीकी से व्यवस्था की। मंदिर परिसर में रहने की सुविधाओं, विशाल भंडारों,
तत्पर स्वयंसेवकों और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की गई थी। सूर्योदय से लेकर देर शाम तक
मंदिर परिसर मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और लाखों श्रद्धालुओं की सामूहिक भक्ति से जीवंत बना रहा, और इस
प्रकार महोत्सव पाँच दिवसीय एक अभूतपूर्व आध्यात्मिक पर्व में परिवर्तित हो गया। इन समन्वित प्रयासों ने
महोत्सव के सुचारू संचालन को सुनिश्चित किया और इसे सेवा और श्रद्धा का सशक्त संगम बनाकर एक आदर्श
आयोजन की श्रेणी में स्थापित किया।
