युवा पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का आह्वान, संतों के प्रेरक उद्बोधन से भाव-विभोर हुआ वातावरण

इंदौर, 14 फरवरी को दशहरा मैदान में संत श्री आशारामजी गुरुकुल एवं श्री योग वेदांत सेवा समिति, इंदौर के तत्वावधान में ‘सच्चा प्रेम दिवस’ के रूप में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम श्रद्धा एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। शाम 5 बजे प्रारंभ हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में परिवारों, युवाओं एवं बच्चों ने भाग लेकर भारतीय संस्कृति के दिव्य संस्कारों का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित युवाओं एवं बच्चों ने अपने माता-पिता का विधिवत पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया। पूरे मैदान में भक्ति, सम्मान और पारिवारिक प्रेम का वातावरण बना रहा। आयोजकों ने इसे भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा विशेष प्रस्तुति भी दी गयी जिसमें रामायण की झलकियां नज़र आयी।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता श्री रामा भाई जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि सच्चा प्रेम त्याग, मर्यादा और सम्मान में निहित होता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पाश्चात्य प्रभाव से दूर रहकर भारतीय संस्कारों को अपने जीवन में अपनाएँ।
मुख्य अतिथि अन्ना महाराज जी, डॉ भरत शर्मा ई सी मेंबर (एन सी एफ ), आशुतोष झा ( सनातन धर्म प्रचारक यूट्यूबर) गुरमुख दास जी, दयालदास जी, कमल पूरी महाराज जी, गणेश गोस्वामी जी तथा माधव दास जी झा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए मातृ-पितृ सेवा को सर्वोच्च धर्म बताया।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए समिति के पदाधिकारियों डॉ अशोक ठाकुर एवं डॉ मनीष वर्मा ने बताया कि संत श्री आशारामजी बापू के आह्वान पर लगभग 15 वर्ष पूर्व प्रारंभ किया गया ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ आज देश-विदेश में व्यापक स्तर पर मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को सुसंस्कारी बनाना तथा समाज में निर्विकारी प्रेम, पारिवारिक सम्मान एवं आध्यात्मिक मूल्यों को स्थापित करना है।
आयोजन के अंत में सामूहिक प्रार्थना एवं आशीर्वचन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने इसे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में सार्थक पहल बताते हुए संकल्प लिया कि वे अपने परिवारों में मातृ-पितृ सम्मान, भारतीय संस्कारों और मर्यादित जीवन मूल्यों को निरंतर प्रोत्साहित करेंगे तथा आने वाली पीढ़ी को भी इन आदर्शों से जोड़ने का प्रयास करेंगे ।
