इंदौर, 14 अक्टूबर 2025: इंदौर के ऐतिहासिक गांधी हॉल परिसर में दो दिवसीय ‘अयोध्या महोत्सव 2025’ का भव्य समापन हुआ। अयोध्या महोत्सव फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस आयोजन में श्रद्धा, संस्कृति, और सनातन मर्यादा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होंने कहा कि “यह अद्भुत धनुष श्रद्धा और साधना का प्रतीक है, जिसमें 1,008 रामनाम पुस्तकों का समन्वय किया गया है। प्रत्येक पुस्तक में 1008 बार प्रभु श्रीराम नाम अंकित है, जो अनन्य भक्ति, अखंड जप और निरंतर आराधना का प्रतीक है। यह आयोजन हमारी सनातन संस्कृति के आदर्शों, भक्ति, मर्यादा और एकता का सजीव संदेश देता है।”
महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहा दुनिया का सबसे ऊंचा 51 फीट का धनुष, जिसका वजन 1.5 टन है। इसमें 1,088 राम नाम पुस्तकों का समावेश किया गया था, प्रत्येक पुस्तक में 1008 बार ‘राम नाम’ लिखा गया था। यह विशाल धनुष न केवल श्रद्धा का केंद्र बना, बल्कि विश्व रिकॉर्ड दर्ज कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में भी सराहा गया।
गांधी हॉल परिसर को इस अवसर पर ‘अयोध्या नगरी’ का रूप दिया गया, जहाँ रामायण के सातों कांडों की जीवंत झलकियां नृत्य, नाटक और झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत की गईं। प्रत्येक शाम श्रीराम महाआरती, भजन संध्या और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
साथ ही ‘अयोध्या बाजार’ में पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, परिधान और राम नाम पुस्तकों की प्रदर्शनी ने लोगों का मन मोह लिया। कविता, नृत्य, रंगोली, पूजा थाली, बेबी शूट और दिवाली रील मेकिंग प्रतियोगिताएं दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनीं।
यह आयोजन केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि भक्ति, एकता और मर्यादा का संदेश देने वाला अद्वितीय महोत्सव सिद्ध हुआ, जिसने भगवान श्रीराम के आदर्शों को आधुनिक समाज में जीवंत करने का प्रयास किया।
इस भव्य आयोजन का सफल संचालन मुस्कान सोमानी , नंदिनी सोमानी , अक्षत अग्रवाल, कार्तिक जोशी, सदगी जैन, अयोध्या महोत्सव फाउंडेशन एवं प्लान एंड ग्रूव इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
