इंदौर 17 जनवरी
स्वामी प्रीतम दास जी महाराज का जीवन और उनकी शिक्षा एक दीपक की तरह है जो चारों ओर उजाला फैलाती हैं। हमें उनकी शिक्षाओं से जीवन के प्रति एक बोध विकसित करना चाहिए और परमार्थ और परोपकार की भावना के साथ जीवन जीना चाहिए। मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने आज इंदौर में प्रीतम दास जी महाराज के जन्मोत्सव पर यह बात कही। सिंधी कॉलोनी स्थित गोबिन्द धाम मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल शामिल हुए। स्वामी प्रीतम दास महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर विशेष तौर पर भोपाल से राज्यपाल इंदौर पहुँचे थे। उन्होंने यहाँ मंदिर जाकर मत्था टेका और पूजा अर्चना की। स्वामी दयाल दास महाराज ने यहाँ की परंपरा अनुसार कंबल ओढ़ाकर राज्यपाल का स्वागत किया। इस अवसर पर सांसद श्री शंकर लालवानी विधायक श्रीमती मालिनी गौड़ श्री रमेश भाई हीरानी श्री प्रेम कुमार लालवानी श्री हितेश उदासी सहित सिंधी समाज के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिन्धी समाज से उनका जुड़ाव बचपन से ही रहा है। संत श्री प्रीतम दास महाराज का नवसारी(राज्यपाल का पैतृक नगर) से भी संबंध रहा है। और उनके अनेक अनुयायी वहाँ पर रहते हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि संतों की शिक्षाओं और कथा प्रवचन का बहुत लाभ होता है। हमें कथाओं प्रवचन में सुनी और समझी गई उनकी शिक्षाएं घर आकर बच्चों को भी बतानी चाहिए और उन्हें संस्कारित करना चाहिए।
सांसद इंदौर श्री शंकर लालवानी ने कहा कि स्वामी प्रीतम दास का व्यक्तित्व चमत्कारी था। उन्होंने सदैव व्यावहारिक नजरिया रखा। उन्होंने बताया कि भंवरकुआ की ओर जाने वाली इस सड़क पहले बहुत सकरी थी। जब इसके विस्तारीकरण की बात चली तो इसमें मंदिर का कुछ हिस्सा भी टूटना था।
स्वामी प्रीतम दास के पास में जब वे आए तो उन्होंने मंदिर का अगला हिस्सा तोड़ने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान कीऔर एक मिसाल क़ायम की। कार्यक्रम में नवसारी से आए श्री प्रेम कुमार और श्री रमेश हीरानी ने राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
