निप्र, जावरा मध्यप्रदेश के भाजपा शासन काल कि निर्वाचित पंचायतों को लगभग तीन वर्ष पूर्ण हो गए हैं, लेकिन कई पंचायतों में महिला सीट पर पुरुष प्रतिनिधित्व कि बात दबी होकर कहीं न कहीं बाहर आ ही जाती हैं जहां आरक्षण के बाद भी महिला प्रतिनिधित्व कि आवाज़ को दबाया जा रहा हैं। ऐसा ही मामला आलोट विधानसभा कि मिंडली पंचायत से सामने आया है जहां ग्राम वासियों द्वारा कलेक्टर को नाम जद ग्रामवासियों द्वारा लिखित में नोटरी करवाकर पंचायत पति के खिलाफ़ पंचायत पद का दुरुप्रयोग करने व अपनी मनमानी करने की बात उल्लेख कि गई, मामला तालाब निर्माण का है ग्रामवासियों का कहना है पंचायत के बिल फर्जी लगाए गए तालाब हुआ ही नहीं वहीं बिल पर महिला सरपंच नहीं उनके पति हस्ताक्षर करते हैं ग्राम पंचायत के ग्राम लखमाखेडी खेड़ी के पास ऊनी रोड़ पर तलाई निर्माण होना था पर हुआ नहीं, आपत्ति लेने पर शिकायतकर्ताओं पर सरपंच पति द्वारा थाने में झूठा प्रक्रमण दर्ज करा दिया गया पंचायत में हो रहे नीति विरुद्ध कार्यों के लिए पंचायत के मुख्य ग्रामवासियों ने कार्यवाही नहीं होने पर प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन की बात कि हैं । इस संबंध में जावरा जनपद सीईओ बलवंत नलवाया का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने वाली है जो भी बात होगी स्पष्ट हो जाएगी।
