निप्र, जावरा मध्यप्रदेश के रतलाम जिलें में पिपलौदा तहसील क्षेत्र कि जेठाना पंचायत में पूर्व में जनभागीदारी से होने वाले कार्यों में घोटालों की शिकायत पुनः जावरा एस डी एम कार्यालय जनसुनवाई में आ पहुंची हैं, शिकायत अंतर्गत पंचायत का मामला सन् 2019 का है शिकायत कर्ताओं ने बताया कि सर्वे क्रमाक 1087 पर पानी का भराव हो रहा था व गंदगी फेल रही थी, जिससे हम आस पास के लोगो को काफी परेशानी का सामना करना पड रहा था, जिससे हम 100 परिवार के लोग कलेक्टर ऑफिस जाकर हम सब ने हमारी समस्या कलेक्टर साहब (रूचिका चौहान) को बताई, समस्या मे सुधार के लिये हमने आवेदन कलेक्टर ऑफिस रतलाम में दिया था और उन्होने कहा था कि सामूहिक रूप से राशि इकठ्ठा करके अपना योगदान दिया है, जिस कार्य से खुश होकर कलेक्टर मैडम ने हमे बताया कि आप लोग 1,50,000/- रूपये जनभागीदारी की समिति में जमा कराओ जिससे शासन की और से 50 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में दी जायेगी, जिससे आपकी राशि 3,00,000/- रूपये हो जाएगी, कलेक्टर मेडम द्वारा बताई गई बात को मानकर हम सभी अनुसूचित जाति सघन बस्ती के परिवार के लोगो ने 1,50,000/- रूपये इकठ्ठा करके ग्राम पंचायत के खाते में जमा करवाए हमने पैसे जमा कराने के कई वर्षों तक राशि का इंतजार किया, लेकिन कई दिनो तक राशि प्राप्त नही होने पर कलेक्टर कार्यालय जाकर आपत्ति जताई थी, तब जाकर हमे पता चला कि ग्राम पंचायत के सचिव व सरपंच ने हमारी राशि का दुरूपयोग किया है। जब जाकर हमे पता चला कि हमारे साथ धोखाधडी की गई है, जिससे परिवार वालो पर गहरा आघात हुआ था, उस राशि को हमने विधवा बुर्जुग, तलाकशुदा जैसी कई महिलाओ और परिवारो ने मिलकर अपना सहयोग दिया था। कलेक्टर महोदय, द्वारा कानुनी कार्यवाही की गई थी, जिसमें ग्राम पंचायत सचिव को निलंबन किया गया था और उनको जनपद् कार्यालय में अटेज किया गया था, सचिव महोदय ने बाबुलाल मोर्य ने अपनी गबन कीराशि को ग्राम पंचायत के खाते में जमा करा दी लेकिन गांव के भूतपूर्व सरपंच बाबुलाल भील ने अभी तक वह राशि जमा नही करवाई है। अतः महोदय से निवेदन है कि जिस भुमि पर सर्वे कमांक 1087 पर समतलीकरण किया गया था वहां पर हमने पोधारोपण किया था वहा अब वृक्ष बन गये है, लेकिन कुछ लोगो ने उस मैदान को बिगाड कर रख दिया है। हमे आशा है कि ग्राम पंचायत के माध्यम से मैदान व उद्यान के चारो तरफ जाली लगाकर पून विकसित किया जाए। उस स्थान के पास से रोज जा रहे है, रोड के साईड में रेलिंग लगाई जाए, जिससे मार्ग अवरूद्ध नही हो पाए, आवागमन सूचारू रूप से चालु हो जाए। वहीं समतलीकरण में कुछ लोगो ने अतिक्रमण कर लिया है, पटवारी या ग्राम पचांयत के माध्यम से समस्स्याओ का हल किया जाए, उसी उद्यान के बीचो बीच एक कुआ है, वह बिना मुण्डेर का है, उसके उपर लोहे की जाली लगाई जाए जिससे आस पास में किसी प्रकार की कोई जनहानि नही हो। यह बात जनसुनवाई में जावरा एसडीएम सुनील जायसवाल से शिकायतकर्ता द्वारा कही गई जिस पर एसडीएम द्वारा निराकरण हेतु आश्वाशन दिया गया।
