महिदपुर। नगर में प्रवचन प्रभावक प. पू. आचार्य श्री सागरचन्द्रसागर सूरीश्वरजी म.सा. की प्रेरणा मार्गदर्शन से निर्मित विश्व में सर्वप्रथम 108 आदिनाथ भगवान के तीर्थ श्री शत्रुंजय आदिनाथ तीर्थधाम (किला जैन मंदिर) का पन्द्रहवा वार्षिक ध्वजारोहण समारोह व तीर्थधाम के दिव्याशिषदाता समर्थ गच्छाधिपति प. पू. आचार्य श्री सूर्योदयसागर सूरीश्वरजी म.सा. की 16 वी पूण्यतिथि पर गुणानुवाद पंजाब केसरी प पू आचार्य देव श्री वल्लभ सूरीश्वरजी म सा के समुदाय के गच्छाधिपति प पू आचार्य श्रीमद्विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी म सा की आज्ञानुवर्ती महिदपुर नगर की गौरव प पू साध्वीवर्या नरेंद्रश्रीजी म सा की सुशिष्या प पू साध्वीवर्या श्री शीलधर्माश्री जी म सा आदि ठाणा 5 की पावन निश्रा में सर्वार्थ सिद्धि योग में संपन्न हुआ।
जिसमें 30 जनवरी को प्रातः 9 बजे से सभी परमात्मा के 18 अभिषेक महापूजन का आयोजन विधिकारक अनिल जैन (लिमडी) के द्वारा सम्पन्न हुआ. 31 जनवरी को ध्वजारोहण महोत्सव के अंतर्गत श्री आदिनाथ स्नात्र मण्डल द्वारा प्रातः 8 बजे स्नात्र महोत्सव एवं 9 बजे सिद्धचक्र महिला मण्डल द्वारा सत्तरभेदी पूजन पढ़ाई गई तत्पश्चात श्री शत्रुंजय आदिनाथ तीर्थधाम पर संप्रतिकालीन मूलनायक आदिनाथ परमात्मा, श्री शत्रुंजय रचना मूलनायक आदिनाथ परमात्मा सहित सभी 47 देहरीयों पर ध्वजारोहण बड़े हर्ष उल्लास के साथ महिदपुर के ध्वजा लाभार्थियों के साथ साथ मुंबई, सुरत से भी पधारे लाभार्थियों के द्वारा ध्वजारोहण संपन्न हुआ एवं तीर्थधाम के दिव्याशिषदाता समर्थ गच्छाधिपति प. पू. आचार्य श्री सूर्योदयसागर सूरीश्वरजी म.सा. की 16 वी पूण्यतिथि पर दीप प्रज्ज्वलन, वासक्षेप पूजन एवं गुणानुवाद का आयोजन भी हुआ। जैनेन्द्र खेमसरा एवं राजेश रुणवाल के द्वारा आचार्यश्री का गुणानुवाद किया गया. राज वर्धमान गादिया के द्वारा गुरु भक्ति गीत प्रस्तुत किया. समारोह में पूर्व विधायक बहादुरसिंहजी चौहान भी पधारे. संप्रतिकालीन 2300 वर्ष प्राचीन मूलनायक आदिनाथ परमात्मा की ध्वजा एवं सकल श्रीसंघ के स्वामिवात्सल्य के लाभार्थी चंदरबाई अमृतलाल गादिया परिवार का बहुमान तीर्थधाम ट्रस्ट एवं तपागच्छ श्रीसंघ के द्वारा किया गया. संप्रतिकालीन मूलनायक आदिनाथ परमात्मा की अंगरचना का लाभ श्दी। वरदीचंद केसरीमल लुंकड़ परिवार द्वारा लिया गया। दिनांक 1 फरवरी को रवि पुष्य योग में मूलनायक परमात्मा के अखंड भक्तामर एवं वर्धमान शक्रस्तव अभिषेक का आयोजन पूज्य साध्वीवर्याश्री की निश्रा में होगा. तीर्थधाम के ट्रस्टी विमल मेहता ने इस प्रतिनिधि को बताया कि महिदपुर में श्री शत्रुंजय आदिनाथ तीर्थधाम (किला जैन मंदिर) में पांच-पांच महातीर्थाे की रचना के साथ विश्व में सर्वप्रथम 108 आदिनाथ भगवान विराजित है। श्री शत्रुंजय आदिनाथ तीर्थधाम ट्रस्ट के सचिव हेमंत आंचलिया ने लाभार्थी परिवारों की अनुमोदना के साथ कार्यक्रम में पधारे सभी समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सम्पूर्ण आयोजन में सुन्दर व्यवस्था एवं सहयोग के लिए पुलिस एवं नगरीय प्रशासन का आभार व्यक्त किया।