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नई दिल्ली, (माधव एक्सप्रेस)। जेमफील्ड्स ग्रुप ने अपनी नई उच्च-गुणवत्ता वाली एमरैल्ड (पन्ना) नीलामी में इम्बू को पेश किया है। ये नीलामी 25 अगस्त से 11 सितंबर तक चलेगी। इम्बू 11,685 कैरेट के साथ दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल पन्ना उत्पादक खदान, कागेम माइनिंग (कागेम) में खोजा गया नवीनतम व सबसे बड़ा नायाब रत्न है। एड्रियन बैंक्स, जेमफील्ड्स के प्रबंध निदेशक प्रोडक्ट एवं सेल्स ने मंगलवार को एक बयान में बताया कि इस बड़े रत्न को चमकाने के लिए तेज़ रोशनी की ज़रूरत होती है, फिर भी इम्बू गहरा, हरा रंग दिखाता है, जिसमें सुनहरी चमक और सफाई होती है जो आंखों को आकर्षित करती है। उन्होंने कहा, यह कल्पना करना आसान है कि इम्बू से कई उच्च-गुणवत्ता वाले कटे हुए पन्ने बन सकते हैं, जो आकार में महत्वपूर्ण हों। बैंक्स ने कहा कि इस तरह का दुर्लभ कलेक्शन इस अकेले रत्न से एक पूर्ण उच्च-आभूषण सुइट बना सकता है। ये खोज इसके नए मालिक को न केवल असाधारण रत्नों के स्रोत के रूप में बल्कि एक अनूठे निवेश के रूप में भी आकर्षित कर सकती है, जिसे असाधारण पन्नों के इतिहास में याद किया जाएगा। इम्बू की खोज से पहले 6,225 कैरेट का इन्सोफु (‘एलीफैंटÓ 2010), 5,655 कैरेट का इंकालामु (‘लायनÓ 2018), और 7,525 कैरेट का चिपेम्बेले (‘राइनोÓ 2021) शामिल हैं। 2,337 ग्राम यानी 11,685 कैरेट- वजन के साथ, इम्बू कागेम में अब तक की सबसे बड़ी सिंगल असाधारण गुणवत्ता वाली रत्न खोज है। उल्लेखनीय है कि जाम्बिया के कॉपरबेल्ट प्रांत में स्थित कागेम 75 फीसदी जेमफील्ड्स के स्वामित्व में है और इसका संचालन जाम्बियाई सरकार के साथ साझेदारी में औद्योगिक विकास निगम के माध्यम से किया जाता है।
