प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता से कर रहा साकार – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
Spread the loveजमीन से लेकर किफायती घर तक...
Spread the loveजमीन से लेकर किफायती घर तक...
Spread the love ‘इंदौर ब्राइडल फैशन शो सीजन...
Spread the love नई दिल्ली, 5 अक्टूबर 2026...
सीएस एग्जीक्यूटिव परीक्षा से टकराव, विद्यार्थियों ने की पुनर्विचार की मांग
इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय द्वारा बीकॉम प्रथम वर्ष की परीक्षा समय-सारिणी में किए गए अचानक बदलाव से बड़ी संख्या में विद्यार्थी असमंजस और परेशानी में हैं। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय ने फरवरी माह में बीकॉम प्रथम वर्ष की प्रारंभिक परीक्षा समय-सारिणी जारी की थी, जिसके आधार पर कई विद्यार्थियों ने अपने अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं के लिए आवेदन किया था।
विद्यार्थियों के अनुसार बीकॉम के साथ-साथ बड़ी संख्या में छात्र इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) के सीएस एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम तथा सीए की तैयारी भी कर रहे हैं। प्रारंभिक समय-सारिणी को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों ने सीएस एग्जीक्यूटिव परीक्षा फॉर्म भरे थे, लेकिन बाद में विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा तिथियों में अचानक परिवर्तन कर दिया गया।
परिवर्तित समय-सारिणी के अनुसार अब 2 जून, 3 जून और 5 जून को बीकॉम प्रथम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जबकि इन्हीं तिथियों पर सीएस एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम की परीक्षाएं भी निर्धारित हैं। ऐसे में विद्यार्थियों के सामने गंभीर असंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। छात्रों का कहना है कि दोनों परीक्षाएं उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण हैं और अब उन्हें यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि वे बीकॉम की परीक्षा दें या सीएस की।
विद्यार्थियों और अभिभावकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि परीक्षा कार्यक्रम तय करते समय सीए और सीएस जैसी व्यावसायिक परीक्षाओं की तिथियों का भी ध्यान रखा जाए। उनका कहना है कि अधिकांश छात्र बीकॉम के साथ प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई भी करते हैं, इसलिए इस प्रकार के बदलाव उनके शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
छात्रों ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से बीकॉम प्रथम वर्ष की परीक्षा तिथियों पर पुनर्विचार कर नई समय-सारिणी जारी करने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों को किसी एक महत्वपूर्ण परीक्षा को छोड़ने की मजबूरी का सामना न करना पड़े।
