उज्जैन । संभागायुक्त आशीष सिंह ने विभागीय समीक्षा बैठक में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए मंदसौर के डीपीसी का एक माह का वेतन काटने एवं विभागीय जांच के निर्देश दिए। वहीं देवास और आगर-मालवा के सीएमएचओ का 15 दिन का वेतन काटने तथा देवास जिले के डीपीसी को बैठक में अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
सम्राट विक्रमादित्य प्रशासनिक संकुल स्थित कलेक्टर सभागार में आयोजित बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं और प्रगति की समीक्षा की गई। संभागायुक्त श्री सिंह ने योजनाओं में कमजोर प्रदर्शन पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान रतलाम और आगर-मालवा जिलों में एक्सरे यूटिलाइजेशन अभियान की कमजोर स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की गई। वहीं पोषण किट वितरण में देवास और शाजापुर की बेहतर प्रगति की सराहना की गई, जबकि उज्जैन जिले को स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की समीक्षा में रतलाम और देवास जिलों की प्रगति कम पाए जाने पर अधिकारियों को लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा में 6 से 14 वर्ष के बच्चों के ड्रॉप आउट प्रतिशत को लेकर मंदसौर और आगर-मालवा जिलों की स्थिति कमजोर पाए जाने पर अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया।
बैठक में कक्षा एक में प्रवेश अभियान, नामांकन वृद्धि, ड्रॉप आउट में कमी, पुस्तक वितरण, मिशन अंकुर योजना तथा कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों की भी समीक्षा की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत कुपोषित बच्चों की स्थिति, आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के नामांकन तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को शाला परिसरों में स्थानांतरित करने संबंधी कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
संभागायुक्त श्री सिंह ने निर्देश दिए कि अब प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगली बैठक तक योजनाओं के लक्ष्य और प्रगति प्रतिशत में सुधार सुनिश्चित किया जाए।