मुंबई,(माधव एक्सप्रेस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले के हालिया बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है। सुले ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा था, कि मैं नॉनवेज खाती हूं और मेरे भगवान पांडुरंग को भी इससे कोई दिक्कत नहीं है। उनके इस बयान के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जानकारी अनुसार सांसद सुले ने कहा था, कि मैं रामकृष्ण हरि और पांडुरंग भगवान को मानती हूं, और कभी-कभी नॉनवेज खा लेती हूं। इसी वजह से गले में तुलसी की माला नहीं पहनती। मैं झूठ नहीं बोलती। मेरा नॉनवेज खाना मेरे पांडुरंग को चलता है, तो दूसरों को क्यों परेशानी हो रही है? इसी के साथ उन्होंने कहा, कि हम अपने पैसे से खाते हैं, किसी के उधार से नहीं। नॉनवेज खाकर मैंने कौन-सा पाप कर दिया? सांसद सुले के इस बयान पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, कि इस मुद्दे पर उन्हें कुछ नहीं कहना है। सुले को अब वारकरी संप्रदाय खुद जवाब देगा। यहां बताते चलें कि वारकरी परंपरा पांडुरंग भगवान की भक्ति से जुड़ी है, जिसमें अनुयायी सख्ती से शाकाहारी रहते हैं। इस पर बीजेपी नेता नितेश राणे ने भी कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा, कि सुप्रिया ताई केवल हिंदू धर्म को लेकर ही क्यों बयान देती हैं? अगर उनमें हिम्मत है तो दूसरे धर्मों के त्योहारों पर भी ऐसे बयान दें। सनातन धर्म पर बार-बार हमला किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे ने कहा, कि अच्छा हुआ कि मैंने इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा। बहरहाल सुप्रिया सुले के बयान ने महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। एक ओर जहां विपक्ष इसे सनातन धर्म पर हमला बता रहा है, वहीं सुले ने दो टूक कहा है कि वह अपनी जीवनशैली के बारे में सच बोल रही हैं और इसमें किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
