Aaj ka Rashifal 05 November 2026: मेष से मीन तक कैसा रहेगा सभी 12 राशियों का दिन? पढ़ें 12 राशियों का दैनिक राशिफल
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भोपाल : 17 मार्च, 2026
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल की अध्यक्षता में आरंभ हुए सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के 30वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ज्ञान-विज्ञान और ध्यान के वैश्विक केन्द्र उज्जैन को भगवान श्री कृष्ण ने अपनी शिक्षास्थली के रूप में चुना। चौसठ कलाओं, और 14 विद्याओं की यह धरती शौर्य के प्रतीक सुशासन के पुरोधा, विक्रम संवत के प्रवर्तक, भारतीय सांस्कृतिक चेतना के रक्षक और न्याय प्रियता के प्रतीक सम्राट विक्रमादित्य की कर्मस्थली रही। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण नहीं बल्कि 7 दशकों के उस समर्पण का परिणाम है, जिसने दुनिया को कुशल मानव संसाधन और श्रेष्ठ स्कॉलर सौंपे। विश्वविद्यालय से सम्राट विक्रमादित्य का नाम जुड़ने से विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ा है और यहां के विद्यार्थियों के गर्व में वृद्धि हुई है। ऐसे विश्वविद्यालय की उपाधियों से विभूषित होना विद्यार्थियों के लिए सौभाग्य का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीक्षांत समारोह में उपाधियां प्राप्त कर रहे 397 विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर 181 विद्यार्थियों को डिग्रियां, 198 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, एक शोधार्थी को डी-लिट, 88 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधियों से सम्मानित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं बल्कि जीवन में सीखने की एक नई शुरुआत है, यह जीवन का महत्वपूर्ण टर्निंग पाइंट है। बेहतर जीवन के लिए विद्यार्थियों को सीखने की ललक सदैव बनाए रखना होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी देश और प्रदेश के समग्र विकास में सहभागी बनेंगे और जीवन के सभी क्षेत्रों में अपने कर्तव्य का पूर्ण निष्ठा के साथ निवर्हन करते हुए अपने परिवार, समाज और देश का गौरव बढ़ाऐंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षा पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को ससम्मान उपाधियां प्रदान करने के लिए दीक्षांत समारोह की परम्परा आरंभ की गई है। यह विश्वविद्यालय प्रसिद्ध कवि श्री शिवमंगल सिंह सुमन और पद्म श्री विष्णु श्रीधर वाकणकर जैसी महान विभूतियों की कर्मस्थली रहा है। नवाचार में अग्रणी यह विश्वविद्यालय, कृषि अध्ययन शाला और डेयरी टेक्नालॉजी जैसे आधुनिक विषयों को आरंभ करने के लिए पहल करने में भी प्रदेश में प्रथम रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय को विभिन्न यंत्रों के लिए 51 लाख रुपए, पांच ड्रोन तथा अध्ययन यात्रा के लिए एक बस प्रदान करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है। पिछला वर्ष प्रदेश में निवेश और रोजगार के रूप में मनाया गया। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उज्जैन वर्ष 2028 में भव्य और दिव्य सिंहस्थ का साक्षी बनेगा। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन से लेकर उनके मां क्षिप्रा के जल से स्नान तक की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार अभी से हर संभव तैयारी कर रही है। सिंहस्थ के आयोजन में स्वच्छता, यात्री मार्गदर्शन, डिजिटल हेल्प आदि का विशेष रूप से ध्यान रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नवरात्रि और गुड़ी पड़वा की मंगलकामनाएं दीं।
