भगवान शिव की आराधना भक्ति का अनूठा साधन है कावड़
पावन श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का अनूठा साधन है कावड़..
विभिन्न स्वरूपों में कावड़िए नदियों का जल लेकर शिव मंदिरों में अर्पण कर मनवांचित फल प्राप्त करते है।
इसी क्रम में थांदला से 51 लीटर जल से भरी वजनी,,सुसाजित कावड़ लेकर 150 किलोमीटर उज्जैन बाबा महाकाल को जलाभिषेक करने निकले कावड़िए।
ये सभी कावड़िए रितिक मचार, अनिकेत निनामा , बाबू चनाल, कालू ऊंटवाल ,विशाल खोड़े, सुरेश डिंडोर ,आकाश मचार ,सुमित गणावा ,दीपक निनामा ,रवि निनामा ,रामा गाडोलिया, कृष्णा पण्दा, बादल डामर ,पीयूष माली ,श्याम गाडोलिया ,रोहित गाडुलिया ,काला गाडूलिया बारी बारी से 51 किलो वजनी कावड़ को लेकर चलेंगे।
कावड़ यात्रा वागडिया फलिया स्थित बाबा रामदेव मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गो से होकर शनि मंदिर पहुंची। जहां नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील पणदा,,पार्षद गोलू उपाध्याय,,राजू धानक दिलीप डामोर सहित युवा उपस्थित हुए।
कावड़ यात्रा के स्वागत में बड़ी मात्रा में मातृशक्ति भी सम्मिलित हुई।
