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गुवाहाटी,(माधवएक्सप्रेस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने 124वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम में असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में हाल ही में किए गए घासस्थल पक्षियों के सर्वेक्षण का उल्लेख किया और इसकी सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा, “अगर आपसे पूछा जाए कि आपके आसपास कितने तरह के पक्षी हैं, तो शायद आप कहेंगे कि मैं हर दिन 5-6 पक्षी देखता हूं, कुछ पहचाने हुए, कुछ अनजाने। लेकिन हमारे आसपास कितनी प्रजातियां वास्तव में मौजूद हैं, यह जानना बेहद रोचक है। हाल ही में एक ऐसा ही प्रयास असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में किया गया।”
उन्होंने बताया कि काजीरंगा, जो आमतौर पर गैंडों के लिए जाना जाता है, इस बार अपने घासस्थल और वहां रहने वाले पक्षियों के कारण चर्चा में है। पहली बार इस क्षेत्र में घासभूमि पक्षियों का व्यापक सर्वेक्षण किया गया है। यह जानकर प्रसन्नता होगी कि इस सर्वेक्षण में 40 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों की पहचान की गई, जिनमें कई दुर्लभ प्रजातियां भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि इन पक्षियों की पहचान कैसे की गई – “सर्वेक्षण टीम ने ध्वनि रिकॉर्डिंग यंत्र लगाए और फिर रिकॉर्ड की गई आवाजों का कंप्यूटर और एआई तकनीकों से विश्लेषण किया। पक्षियों को केवल उनकी आवाजों के आधार पर पहचाना गया, बिना उन्हें विचलित किए।”
मोदी ने कहा, “कल्पना कीजिए -जब तकनीक और संवेदनशीलता एक साथ आती हैं, तो प्रकृति को समझना कितना गहरा और सरल हो जाता है। हमें ऐसे प्रयासों को और फैलाना चाहिए, ताकि हम अपनी जैव विविधता को पहचान सकें और आने वाली पीढ़ियों को इससे जोड़ सकें।”
