मध्य प्रदेश में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, 31 जिलों में बदलेगा मौसम, 29 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी
Spread the love अगले चार दिन बदला रहेगा...
Spread the love अगले चार दिन बदला रहेगा...
Spread the loveरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के...
Spread the loveरायपुर। बंगाल की खाड़ी में बन...
जिसे गुरु चरणों की रज मिल जाए उसकी तदबीर ही नहीं तकदीर भी बदल जाती है : मुनि श्री निर्णय सागर जी म.सा.
काजी एस रहमान
शुजालपुर : यह बात संत शिरोमणि गुरुवर श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के परम प्रर्वाचक शिष्य आचार्य श्री 108 समय सागर जी म.सा.के आज्ञानुवर्ती शिष्य एवं पाठशाला प्रणेता परम पूज्य मुनि श्री 108 निर्णय सागर महाराज साहब ने दिगंबर जैन मंदिर के कलश स्थापना समारोह में शुजालपुर मंडी की विद्या वाटिका में अपार जन समूह को संबोधित करते हुए कही , ज्ञातव्य हे कि इस वर्षावास में शुल्लक श्री 105 अटल सागर जी महाराज के साथ निर्णय सागर जी महाराज साहब का चातुर्मास शुजालपुर मंडी में चल रहा है। विशाल धर्म सभा को संबोधित करते हुए महाराज श्री ने कहा कि जैन धर्म में जन्म लेना ही हरे भरे वृक्ष की राख से उज्ज्वल कण को प्राप्त करने के समान है , जो लोग श्रद्धा भाव से मुनियों को प्रणाम करते हैं उन्हें एक नहीं अनेक जन्मों की भक्ति प्राप्त होती है। जो भक्त टूटे-फूटे शब्दों में भी मुनियों का गुणगान करता है, उसका यश चतुर्दिक फैल जाता है । चातुर्मास की महत्व बताते हुए आपने कहा चातुर्मास जिनवाणी की महत्ता को समझने के लिए होता है, चातुर्मास में जो व्यक्ति सच्चे मन से जिनवाणी सुनेगा उसका कभी खोटा मरण नहीं होगा। जिनवाणी श्रवण से व्यक्ति स्वाध्यायी बनता है , स्वाध्याय से आत्मा से साक्षात्कार होता है ।
उपस्थित श्रावकों को संबोधित करते हुए आपने कहा आपने एक नहीं कई जन्मों में मुनियों की भक्ति की होगी तब आपको यहां आ जाने का दुर्लभ अवसर मिला है। मुनि श्री के प्रवचन के दौरान अचानक लाइट बंद हुई तो पंखे भी बंद हो गए तब आपने कहा अगर आपने कष्ट सहकर 1 घंटे मनोयोग से प्रवचन श्रवण किया तो आपको समाधि मरण का पुण्य मिलेगा शुजालपुर जैन धर्म के किसी कार्यक्रम में लंबे समय बाद इतनी बड़ी संख्या में जैन श्रावक गण मध्य प्रदेश के 12 जिलों तथा राजस्थान, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों से भी आए थे, कार्यक्रम के प्रारंभ में आचार्य विद्यासागर जी दिगंबर जैन पाठशाला के भैया बहनों ने भी मंगल प्रस्तुतियां दी। मुख्य रजत कलश की 11 लाख 11 हजार 111 रुपए की बोली का लाभ शुजालपुर के सागर समूह ने प्राप्त किया इसी प्रकार जो अन्य कलशो की बोलियों का लाभ व्यक्तिगत रूप से जैन एवं इतर जैन समाज के भक्त जनों ने प्राप्त किया किया ।
कार्यक्रम का भजन मयी अति सुंदर संचालन भावेश भाई जैन ने किया। कार्यक्रम स्थल के मंच की सुंदर साज सज्जा के पीछे जैन नवयुवकों विशेष कर चातुर्मास समिति के संयोजक योगेंद्र जैन , कलश स्थापना कार्यक्रम के संयोजक मनोज जैन एवं दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष सचिन गुल्लू भाई जैन की मेहनत नजर आई ।
