बलरामपुर, 30 जून । राज्य शासन के द्वारा जल संरक्षण के लिए प्रारंभ की गई महत्त्वाकांक्षी पहल मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत जल संरक्षण सप्ताह का आयोजन 30 जून से 7 जुलाई तक किया जा रहा है। जिले में इस अभियान की औपचारिक शुरुआत सोमवार को सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने बलरामपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत जतरो में की।
इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही राजेश्वरी देवी के घर पहुंचकर श्रमदान कर सोख्ता गड्ढा खोदा और ग्रामीणों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया। ग्राम पंचायत जतरो में आयोजित जल संरक्षण सप्ताह कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि जल ही जीवन है और यह कहना गलत नहीं होगा कि जल के बिना जीवन अधूरा है।
पानी सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि हर जीव के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जरूरत है। सरकार मोर गांव मोर पानी अभियान के माध्यम से वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन यह प्रयास तभी सफल होगा जब हर ग्रामीण इसमें अपनी भागीदारी निभायेंगे।
सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि जैसे बूंद-बूंद से घड़ा भरता है, वैसे ही हमारे छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के कुछ क्षेत्रों में भूजल स्तर गिरता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपील किया कि वे जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझें और अपने घरों में श्रमदान कर सोख्ता गड्ढे बनाएं, ताकि वर्षा जल को रोका जा सके और जल स्तर को सुधारा जा सके।
हर विकासखंड में 20 हजार सोख्ता गड्ढों का लक्ष्य
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर ने बताया कि जिले के सभी विकासखंडों में 20 हजार सोख्ता गड्ढों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। यह कार्य जनभागीदारी के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही, मनरेगा श्रमिक, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक सक्रिय रूप से भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि गड्ढे निर्माण के साथ-साथ हर हितग्राही को एक पौधा लगाने और उसकी देखरेख करने की जिम्मेदारी दी जा रही है, ताकि जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके। अभियान का मूल मंत्र है घर का पानी घर में, गांव का पानी गांव में के माध्यम से वर्षा जल को रोकने, भूजल स्तर को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मोर गांव मोर पानी अभियान अंतर्गत गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। हर पंचायत में श्रमदान, रैली, दीवार लेखन, पौधारोपण और शपथ जैसे आयोजन किए जाएंगे।
