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बलरामपुर, 30 जून । जिले में युक्तियुक्तिकरण के तहत 14 प्राथमिक, माध्यमिक शिक्षक विहीन विद्यालयों में शिक्षकों की स्थाई पदस्थापना हुई है। युक्तियुक्तिकरण की इस प्रक्रिया मे विकासखण्ड वाड्रफनगर के माध्यमिक शाला जरहाटोला एवं प्राथमिक शाला टोलकुपारा में शिक्षक की स्थाई पदस्थापना होने पर विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। बच्चे पारा-मोहल्ला से निकलकर विद्यालय से जुड़ रहें है। प्रतिदिन समय से विद्यालय खुलने से ग्रामीणों पर शासकीय विद्यालय के प्रति विश्वास बढ़ते दिखाई दे रहा है।
माध्यमिक शाला जरहाटोला एवं प्राथमिक शाला टोलकुपारा में शिक्षकों की पदस्थापना से हर्षाेल्लास का वातावरण बन गया है। विद्यार्थी पहले से अधिक उमंग और जोश के साथ पढ़ाई में जुट गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने युक्तियुक्तकरण के संबंध में बताया कि युक्तियुक्तकरण से दोनों स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना हो गई है साथ ही दोनों स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना से शासकीय माध्यमिक शाला जरहाटोला में शिक्षकों की संख्या 2 हो गई है और विद्यार्थियों की संख्या जो पहले 5 थी अब 56 हो गई है। इसी प्रकार प्राथमिक शाला टोलकुपारा में भी एक शिक्षक की पदस्थापना एवं बच्चों की संख्या भी बढ़ गई है। युक्तियुक्तकरण के बाद स्कूलों में शिक्षकों की संख्या पूरी हो गई।
शिक्षकों की पुनः पदस्थापना करने से लंबे समय से चल रहे शिक्षक विहीन स्कूल को शिक्षक और विषय विशेषज्ञ उपलब्ध हो पाया है। इसका सबसे बड़ा लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है और उनका भविष्य संवर रहा है। शिक्षकगण पूरी लगन के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहे हैं। विषय विशेषज्ञ की उपस्थिति से विषयवार कक्षा संचालित हो रही है, जिससे बच्चों की पढ़ाई सतत हो पा रही है। एकल शिक्षक द्वारा बच्चों को बहुविषयक पढ़ाया जाता था, जिससे बच्चों को विषय विशेषज्ञ का मार्गदर्शन नही मिल पा रहा था, वहीं अब विषय विशेषज्ञ मिलने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विद्यार्थियों को समुचित मार्गदर्शन और सभी विषयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध होने से बच्चों में गहन समझ और बेहतर परिणाम मिलेंगे। युक्तियुक्तकरण शिक्षा के क्षेत्र में एक नवाचार लेकर आया है, यह नवाचार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा और विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने की दिशा में सशक्त माध्यम होगा।
