उज्जैन में होगा 54वाँ चातुर्मास, शनिवार 5 जुलाई को होगा मंगल प्रवेश
उज्जैन, 29 जून 2025।आज का दिन जैन समाज के लिए अत्यंत गौरव व प्रेरणा का दिवस है।
संयम, साधना और सेवा की प्रतिमूर्ति उपप्रवर्तिनी पूज्य श्री कीर्तिसुधाजी म.सा. का आज दीक्षा दिवस है।
आज ही के दिन, 29 जून 1972, को राष्ट्रसंत आचार्य भगवंत पू. श्री आनंदऋषिजी म.सा. के पावन सान्निध्य में, शाजापुर की पुण्यभूमि पर आपने संयम दीक्षा अंगीकार की थी।
आप पू. मालवज्योति गुरुणी मैच्या पू. श्री वल्लभकुंवरजी म.सा. की प्रथम सुशिष्या हैं और आपने जिनशासन को अपनी आचार्यीय साधना से गौरवशाली दिशा दी है।
आपको जिनशासन प्रभाविका, ज्ञानगंगोत्री, मेवाड़ सौरभ और मालव कीर्ति जैसे विशेषणों से सुशोभित किया गया है।
मालवा का गौरव – महाराष्ट्र की शान
पूज्य म.सा. का तप, त्याग और संयम न केवल मालवा, बल्कि महाराष्ट्र सहित सम्पूर्ण भारत में आध्यात्मिक आदर्श बन चुका है।
संघ की कीर्ति पताका बनकर आपने धर्मध्वजा को और ऊँचाइयाँ दी हैं।
उज्जैन में चातुर्मास — धर्म, तप और साधना का संगम
इस वर्ष पूज्य म.सा. का 54वाँ चातुर्मास, महाकाल की नगरी उज्जैन में होने जा रहा है।
चातुर्मास मंगल प्रवेश शनिवार, 5 जुलाई 2025 को बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ संपन्न होगा।
धार्मिक प्रवचनों, ध्यान-साधना, तपोत्सवों और आत्मिक जागरण से भरा यह चातुर्मास उज्जैन के लिए एक अनमोल अवसर होगा।
कोटिशः वंदन और हार्दिक शुभकामनाएँ
पूज्य म.सा. की इस दीक्षा जयंती पर सम्पूर्ण समाज की ओर से कोटि-कोटि वंदन।
आपकी साधना पथदर्शक बनकर अनंत आत्माओं को धर्म के प्रकाश की ओर ले जाती रहे — यही मंगलकामना।