मंडलेश्वर / (श्याम मेवाड़े) प्रदेश भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव मां अहिल्या बाई होलकर की 300 वी जयंती के उपलक्ष्य में पूरे प्रदेश में सामाजिक गतिविधियों के साथ कैबिनेट बैठक आयोजित कर विकास कार्य योजना का लाभ जनता को दिया जा रहा था महेश्वर में भी कैबिनेट बैठक आयोजित हुई स्थानीय नागरिकों को पूरा विश्वास था कि वर्षों से महेश्वर को जिला बनाने की मांग को आज वर्तमान में पूरा किया जा सकता है किंतु ऐसा नहीं हुआ सोशल मीडिया पर महेश्वर को जिला बनाने की मांग अब तुल पकड़ रही है महेश्वर तहसील वासियों का कहना मां अहिल्या बाई होलकर राज्य का शासन किया परन्तु 300 वी जयंती बड़े हर्षों उल्लास के साथ मनाई जा रही वही महेश्वर तहसील को जिला नहीं बनाया जा रहा ।
सोशल मीडिया पर महेश्वर को जिला बनाने की मांग उठ खड़ी हुई तहसील के प्रमुख शहर बड़े महेश्वर ,मंडलेश्वर, करही आदि ग्रामीण अंचल के राजनीति से जुड़े भाजपाई नेता भी एक स्वर में मांग कर रहे है कि महेश्वर को जिला बनाया जाए । वहीं कांग्रेस के नेता भी सरकार के साथ खड़े रहना का दावा कर रहे है आम नागरिकों का मानना है कि जिला न्यायालय भी प्रमुख विभाग भी पूर्व में जिला स्तरीय तहसील में रहे है आज वही कार्यालयों पर ताले लगे है भवन जीर्णशीर्ण हो जायेगे इसके पूर्व प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री को जिला बनाने की घोषणा करनी चाहिए मां अहिल्या बाई होलकर को महेश्वर जिला बनाकर समर्पित करते 300वी जयंती यादगार बनाना चाहिए ।
महेश्वर नगर व्यापारी भाजपा नेता प्रेम चंद गुप्ता ने कहा कि महेश्वर को जिला बनाने के लिए सार्थक कदम उठाते हुए शहर से गुजरने वाली प्रत्येक बसों पर महेश्वर जिला बनाओ के पोस्टर लगाना चाहिए आसपास की तहसीलों में आवाज पहुंचना चाहिए महेश्वर जिला बनने की मांग उठी है ।
महेश्वर जिला बनाने के लिए तेज प्रयास शुरू
महेश्वर को जिला बनाने के अबकी बार निर्णायक आंदोलन होने की संभावना है।महेश्वर की भौगोलिक स्थित अलग होने के कारण यहां जिले की मांग उठी है नर्मदा के उत्तर क्षेत्र का यह इलाका उपजाऊ होने के साथ राजधानी भोपाल और इंदौर महानगर से सीधा जुड़ा होने से यहां विकास की अनंत संभावनाएं मौजूद है।
पहले भी रह चुका है मंडलेश्वर जिला सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध है।
मंडलेश्वर नगर 1857 की क्रांति के बाद यह नगर वापस होलकर राज्य में शामिल किया गया था।उसके बाद 1873 में होलकर सरकार द्वारा मंडलेश्वर में जिला न्यायालय स्थापित किया गया।होलकर सरकार ने महेश्वर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के कारण इसे 1868 में जिला बनाया था जो 1907तक अस्तित्व में रहा । मंडलेश्वर को जिला बनाने के प्रयास दो बार असफल हो चुके है।पहली बार दिग्विजय सिंह सरकार के कार्यकाल में महेश्वर धार जिले की धरमपुरी तहसील के कुछ क्षेत्र इंदौर जिले की महू तहसील के कुछ क्षेत्र और बड़वाह तहसील को मिलाकर नया जिला बनाने की शिफारिश आयोग द्वारा की गई थी लेकिन राजनीतिक कारणों से यह प्रयास विफल रहा ।
महेश्वर को जिला बनाने के लिए युवाओं की टोली भी सक्रिय भूमिका में कार्य कर रही एडवोकेट जितेंद्र नेगी ने बताया कि वर्षों से महेश्वर को जिला बनाने की मांग उठी है लेकिन सरकारों ने ध्यान नहीं दिया अब समय आ चुका भाजपा मोहन सरकार मां अहिल्या देवी होलकर की 300 वीं जयंती मनाकर उत्सव मना रही है महेश्वर को जिला बनाकर मां अहिल्या देवी को समर्पित किया जाना चाहिए ।
