डॉ. महेन्द्र यादव की पाती थोड़ी जज़्बाती
आईपीएल 2025 का फाइनल क्या था, मानो क्रिकेट और सिनेमा के दो महायोद्धाओं की सीधी भिड़ंत! एक ओर थे विराट कोहली, जिनके चेहरे पर वर्षों से छिपी वह चिर-प्रतीक्षित जीत की तड़प थी, और दूसरी ओर थीं प्रीति जिंटा, जिनकी टीम के हारते ही उनकी मुस्कान भी डगमगाने लगी — बिल्कुल उसी तरह जैसे पंजाब की बल्लेबाजी पावरप्ले के बाद।
RCB वालों ने आखिरकार ट्रॉफी जीत ली!
पूरा बेंगलुरु झूम उठा, मानो हर घर की छत पर कोहली की बैटिंग लाइव हो रही हो। इतना जश्न तो बेंगलुरु में मेट्रो का टाइम पर आना भी नहीं लाया होगा जितना इस जीत ने ला दिया। विराट कोहली की आंखों में आंसू थे, पर वो ख़ुशी के थे।
और उधर… प्रीति जिंटा की आंखों में भी आंसू थे… पर वो ट्रॉफी के फिर से छिन जाने के!
सच कहूं तो दिल एक तरफ खुशी से उछल रहा था कि “चलो भाई, RCB वालों की मीम बनाने वाली दुनिया को अब एक अदद जवाब मिल गया” – मगर दूसरी ओर जब कैमरा प्रीति जिंटा के चेहरे पर रुका, तो ऐसा लगा जैसे “दिल चाहता है” की शूटिंग दुबारा शुरू हो गई हो – पर इस बार कोई हँसी नहीं, सिर्फ उदासी का क्लोज़अप था।
प्रीति ज़िंटा, जो हर कैच पर उछलती थीं, हर चौके पर ताली बजाती थीं, इस बार खामोश थीं… स्थिर थीं… भावुक थीं। उनकी टीम की हार मानो उनके चेहरे से रेड कार्पेट का ग्लैमर छीन ले गई हो।
हेल्लो… कोई उनके लिए भी एक ऑरेंज कैप टाइप सांत्वना बना दो, भले ही लिपस्टिक-मैचिंग हो!
विराट की जीत पर अब RCB फैंस की वो स्थायी शिकायत भी खत्म हो गई है — “कोहली सब कुछ जीता है, बस ये नहीं”।
अब कोहली के करियर के हर आलोचक को जवाब मिल गया है।
वहीं प्रीति जिंटा की पंजाब किंग्स ने फिर साबित कर दिया कि “नाम बदलने से तक़दीर नहीं बदलती।”
कभी किंग्स XI, अब पंजाब किंग्स, लेकिन प्रदर्शन वही – गुज़रे ज़माने की फिल्मों जैसी कहानी: शानदार शुरुआत, कमजोर क्लाइमेक्स।
तो क्या किया जाए अब?
दिल कहता है – चलो विराट के लिए मिठाई बांट दें, पर मन में कहीं न कहीं वो प्रीति जिंटा की मासूम मुस्कान को ढूंढता रह जाता है।
वो मुस्कान जो हर IPL सीजन में आती है, 8 मैच बाद मुरझा जाती है, और फाइनल तक आते-आते टीवी कैमरे से आंख चुरा लेती है।
क्रिकेट भले ही “जेंटलमैन” का खेल हो, पर आईपीएल में यह भावनाओं का महाकुंभ है।
जहाँ एक विराट की आँखें चमकती हैं, वहीं एक प्रीति की आँखें नम हो जाती हैं।
तो हाँ…
दिल खुश है विराट के लिए मगर,
प्रीति का उदास चेहरा देखा नहीं जा रहा…
