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उज्जैन – तराना । बिछड़ौद में हुए कथित लव जिहाद मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी ग्रामीणों और व्यापारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। सकल हिंदू समाज , हिंदू जागरण मंच, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने रैली निकालकर ग्राम नज़रपुर पहुंचे और उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।

ग्रामीणों की मांग थी कि लव जिहाद मामले में संलिप्त आरोपियों के मकान तत्काल तोड़े जाएं। जब तक यह कार्रवाई नहीं होती, तब तक प्रदर्शन और चक्काजाम जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि बेटियों को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के बिना वे चैन से नहीं बैठेंगे।
गांव बिछड़ौद में लगातार दूसरे दिन व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर घटना का विरोध किया। व्यापारियों ने ऐलान किया कि जब तक आरोपियों के मकान नहीं टूटेंगे, तब तक सभी दुकानें अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेंगी।
घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बहादुरसिंह बोरमुंडल मौके पर पहुंचे और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों से बात की, लेकिन ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। इसके बाद ग्रामीणों ने टेंट लगाकर सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया और चक्काजाम जारी रखा।
मकान तोड़े जाने की अफवाह फैलने के बाद एसडीएम राजाराम करजरे, तहसीलदार जीवन मोघी, नायब तहसीलदार राजेश चौहान और जनपद सीईओ गुमानसिंह मुजाल्दे के काफिले के पीछे बड़ी संख्या में ग्रामीण बिछड़ौद पहुंच गए। लेकिन एसडीएम और अन्य अधिकारी बीच रास्ते से लौट गए, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश और भड़क गया। उन्होंने नज़रपुर लौटकर दोबारा हाईवे जाम कर दिया।
बाद में कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम कृतिका भीमावद चक्काजाम स्थल पर पहुंचीं और ग्रामीणों से बातचीत की। अंततः कलेक्टर के आदेश अनुसार जनपद सीईओ गुमानसिंह मुजाल्दे ने लिखित आदेश जारी किया, जिसमें ग्राम पंचायत बिछड़ौद (खालसा) द्वारा पहले ही आरोपियों के परिजनों को दिए गए नोटिस का हवाला देते हुए कहा गया कि 30 दिन की समयावधि के उपरांत प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन कर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार 15 दिन का अंतिम अवसर देकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जैसे ही यह लिखित आदेश बजरंग दल जिला संयोजक मनोहर आंजना, रिटायर्ड फौजी सरदारसिंह चौहान और उपसरपंच प्रतिनिधि कुलदीपसिंह चौहान को सौंपा गया, ग्रामीणों और व्यापारियों ने प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की और चक्काजाम खोल दिया।
