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मालवांचल यूनिवर्सिटी द्वारा एकलव्य आदर्श विद्यालय अलीराजपुर और सेजावड़ा में शासकीय जिला अस्पताल अलीराजपुर के सहयोग से सिकल सेल पर जागरूकता कार्यक्रम
इंदौर। मालवांचल यूनिवर्सिटी द्वारा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय अलीराजपुर और सेजावड़ा में सिकल सेल पर शासकीय जिला अस्पताल अलीराजपुर के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मालवांचल यूनिवर्सिटी की रिसर्च लैब से डॅा.नेहा जायसवाल ने 300 से अधिक बच्चों के साथ शिक्षकों को सिकल सेल के बारे में काउंसलिंग प्रदान की। डॅा.जायसवाल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक अनुवांशिक रोग है। जब तक खून की जांच न करवाई जाए तब तक इस रोग की जानकारी नहीं मिलती। सिकल सेल रोगी या परिवार को नि:शुल्क परामर्श एवं उपचार उपलब्ध है।
शासकीय जिला अस्पताल अलीराजपुर के डॅा.प्रमय रेवाड़िया ने कहा कि यदि माता पिता दोनों सिकल रोग वाले होंगे तो 100% यानी की सभी बच्चे सिकल रोग वाले ही जन्म लेंगे।वास्तविकता को स्वीकारते हुए विवाह करते समय हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि विवाह करने वाले दोनों व्यक्तियों में सिकल वाहक अथवा सिकल रोग नहीं होना चाहिए।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता निखिल जायसवाल ने कहा कि मप्र के अलीराजपुर झाबुआ में सिकल सेल के ग्रसित मरीजों की संख्या काफी है। ऐसे समय में सभी को मिलकर इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। कार्यक्रम की एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय अलीराजपुर और सेजावड़ा की प्राचार्या डॅा. रचना सैनी और डॅा.अर्चना श्रीवास्तव ने सराहना की।
मालवांचल यूनिवर्सिटी रिसर्च डायरेक्टर डॅा.लिली गंजू ने कहा कि मालवांचल यूनिवर्सिटी की रिसर्च लैब में सिकल सेल पर कई शोध कार्य चल रहे है और इससे बीमारी के निदान में मदद मिल सकती है। चिकित्सा अधीक्षक डॅा.स्वाति प्रशांत ने कहा कि अगली पीढ़ी को इस रोग से बचाया जा सकता है और वर्ष 2047 तक सिकल सेल मुक्त भारत का संकल्प पूरा हो सके।
