इंडेक्स इंस्टीट्यूट आफ एग्रीकल्चरल साइंसेस के छात्रों ने कस्तूरबा ग्राम कृषि विज्ञान केंद्र के बारे में जाना
इंदौर। इंडेक्स इंस्टीट्यूट आफ एग्रीकल्चरल साइंसेस के छात्र और शिक्षकों ने इंदौर कस्तूरबा ग्राम के कृषि विज्ञान केंद्र में शैक्षणिक यात्रा की। कस्तूरबा गांधी राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट इंदौर कस्तूरबा ग्राम के कृषि विज्ञान केंद्र की योजनाओं से बेहतर समाज, उन्नत विकास और आत्मनिर्भरता के प्रयास को गति मिल रही है। 250 एकड़ कृषि क्षेत्र में परंपरा, तकनीक और नवाचार को अपनाकर खेती करने वाले कृषि विज्ञान केंद्र को जानने का मौका छात्रों को मिला। इसमें छात्रों को केंद्र प्रभारी डॉ राधेश्याम टेलर द्वारा बताया गया कि आज यहां की जाने वाली खेती न सिर्फ समाज में आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम कर रही है, बल्कि इस बात पर भी ध्यान दिया जा रहा है कि कम लागत में बेहतर फसल कैसे प्राप्त की जाए एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय फल, सब्जियां, फूल, पशुपालन आदि को अपनाकर अधिक लाभ लिया जा सकता है। इस अवसर मृदा वैज्ञानिक डॅा.नितिन पचलानिया ने बताया कि प्राकृतिक खेती,जैविक खाद के साथ मृदा परीक्षण के बारे में विभिन्न जानकारी दी। गेंहू और चने की विभिन्न फसलों के बारे में जानकारी दी गई। इंडेक्स इंस्टीट्यूट आफ एग्रीकल्चर साइंसेस से निदेशक डॅा.राजेंद्र सिंह,डॅा.शिवम वर्मा,अजयकुमार गौड़,डॅा.रोहित कुमार के साथ बड़ी संख्या में छात्रों ने शैक्षणिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
