CG- पति को खा जाएगी बुरी आत्मा! तांत्रिक की डरावनी बातों में फंसी महिला, फिर जो हुआ…..
Spread the loveबिलासपुर। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में...
Spread the loveबिलासपुर। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में...
Spread the loveगौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में प्रशासनिक कसावट लाते...
Spread the love -मालागांव में हर्बल कुंभ का...
दिनांक 17 अगस्त 2024 शनिवार को 19 वॉ अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव “शिवसंभवम” 2024 का चतुर्थ आयोजन श्री महाकालेश्वर मंदिर के निकट महाकाल महालोक स्थित त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय सभागृह, जयसिंह पुरा उज्जैन में शाम 7 बजे किया जाएगा |
कला साधकों के इस प्रस्तुति समागम के चौथें शनिवार को कोलकाता के श्री सागर मोरनकर व श्री प्रसन्ना विश्वनाथन का शास्त्रीय ध्रुपद गायन, कोलकाता के श्री मानब परई के एकल कथक तथा श्रीमती पल्लवी किशन के निर्देशन में प्रतिकल्पा सांस्कृतिक संस्था, उज्जैन द्वारा की समूह कथक नृत्य प्रस्तुति होगी |
कलाकार परिचय
ध्रुपद के वरिष्ठ गायक गुरु पं. उदय भवालकर के शिष्य सागर मोरनकर और प्रसन्ना विश्वनाथन ध्रुपद जुगलबन्दी जोड़ी के रूप में अपनी प्रस्तुति देते हैं। सागर कम आयु से ही संगीत साधना में रत हैं। वे दिव्यांग हैं । उन्होंने भारत में कई संगीत समारोहों में एकल प्रस्तुतियां दी हैं। वे कार्यशाला और संगीत कार्यक्रमों के लिए अपने गुरु के साथ यूनाइटेड किंगडम भी जा चुके हैं।
प्रसन्ना ने तबला वादन का प्रशिक्षण श्री विनोद पावस्कर से प्राप्त किया है। साथ ही, उन्होंने श्री किरण कामथ के मार्गदर्शन में मुंबई विश्वविद्यालय से हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन में डिप्लोमा भी किया है।
डॉ.मानब पराई कोलकाता दूरदर्शन के ‘ए’ ग्रेड कलाकार हैं I उन्हें वर्ष 2017 में नटवर गोपीकृष्ण राष्ट्रीय पुरस्कार और वर्ष 2018 में देवदासी युवा नर्तकमणि पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मानब पराई अपने 4 साल के उम्र से कथक के लखनऊ घराने से प्रशिक्षण ले रहे हैं । स्निग्धा बागची, श्री शांतनु चक्रवर्ती, श्रीमती मधुरिमा गोस्वामी से पहले उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त किया है और अब वह गुरु श्रीमती मधुमिता रॉय के शिष्य हैं। उन्होंने पद्म विभूषण पं.बिरजू महाराज , विदुषी शाश्वती सेन, पं. राजेंद्र गंगानी, विदुषी दुर्गा आर्य , पद्मश्री श्रीमती नलिनी कमलिनी अस्थाना, विदुषी शोभा कोषेर और कई अन्य के तहत कार्यशालाओं में भाग लिया है।
प्रतिकल्पा सांस्कृतिक संस्था अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित संस्था है । संस्था निदेशक डॉ.पल्लवी किशन के नृत्य निर्देशन मे विगत 25 वर्षों से अल्पकालीन प्रशिक्षण कार्यशालाओं के साथ ही वर्ष भर सतत कथक, भरतनाट्यम एवं लोक कलाओं का प्रशिक्षण प्रदान कर मिनिस्ट्री आफ कल्चर नई दिल्ली, संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली ,संगीत नाटक अकादमी केरल,SCZCC नागपुर, NCZCC प्रयागराज, WZCC उदयपुर, EZCC कोलकाता, NEZCC दीमापुर, SZCC तंजौर, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली, ICCR नई दिल्ली, मध्य प्रदेश संस्कृति संचालनालय, आदि के मंचों पर अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से ख्याति अर्जित की हैं ।
