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उत्तर बस्तर कांकेर, 29 फरवरी 2024
कृषि प्रसंस्करण एवं खाद्य अभियांत्रिकी विभाग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सौजन्य से कृषि विज्ञान केन्द्र में ‘लघु धान्य फसलों एवं अकाष्ठीय तेल बीज का महत्व, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन’ विषय पर एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बीरबल साहू ने लघु धान्य फसलों के शस्य क्रियाओं के बारे में जानकारी दी। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के परियोजना अधिकारी डॉ. नीरज मिश्रा द्वारा लघु धान्यों का प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के बारे में, प्राध्यापक डा.ॅ खोखर द्वारा वनोपज के लाभ एवं गुणों के बारे में तथा कृषि वैज्ञानिक डॉ. नरेन्द्र तायड़े द्वारा लघु धान्य फसलों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन तथा विपणन के बारे में कृषकों को विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही कृषकों को लघु धान्य प्रसंस्करण इकाई का भ्रमण कराया गया तथा प्रसंस्कृत रागी एवं कोदो चांवल वितरित किया गया। उक्त प्रशिक्षण में चारामा विकासखण्ड के ग्राम शाहवाड़ा और भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम चबेला के 40 कृषक सम्मिलित हुए।
