नई दिल्ली । आम आदमी पार्टी (आप) ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। पार्टी ने फिर अपने राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर भरोसा जताया है। संजय सिंह ने आप से दुबारा नामकंन किया है। संजय सिंह के अलावा एनडी गुप्ता को भी दूसरे कार्यकाल के लिए राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है। आप ने सुशील कुमार गुप्ता की जगह स्वाती मालीवाल को टिकट दिया है। पार्टी का दावा है कि सुशील ने खुद को हरियाणा की चुनावी राजनीति में पूरी तरह से शामिल करने का फैसला लिया है। ईडी ने नहीं किया हस्ताक्षर का विरोध बता दें कि 19 जनवरी को राज्यसभा के चुनाव होने हैं। इस बीच कोर्ट ने आप सांसद संजय सिंह को जेल से राज्यसभा के लिए नामांकन पत्र भरने की अनुमति दे दी है। इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की संजय सिंह की प्रार्थना पर ईडी की तरफ से कोई विरोध नहीं किया गया है। आशीष दुबे / 05 जनवरी 2024 बाबरी मस्जिद के मुख्य पक्षकार इकबाल अंसारी को मिला न्यौता रोड शो के दौरान पीएम मोदी पर बरसाए थे फूल अयोध्या (ईएमएस)। अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर का प्रबंधन देखने वाले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 22 जनवरी को हो रहे प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए बाबरी मस्जिद के मुख्य पक्षकार रहे इकबाल अंसारी को निमंत्रण भेजा है। इकबाल अंसारी के पिता हाशिम राम जन्मभूमि स्वामित्व विवाद में मुख्य वादी थे। उन्होंने अपने पिता की मृत्यु के बाद सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद की कानूनी लड़ाई जारी रखी। हालांकि, 9 नवंबर 2019 को एक ऐतिहासिक फैसले में शीर्ष अदालत ने राम जन्मभूमि स्थल का स्वामित्व हिंदू पक्ष को सौंपने का फैसला सुनाया। अंसारी ने अदालत के फैसले का स्वागत कर सैकड़ों वर्ष पुराने इस विवाद का पटाक्षेप करने पर बधाई दी थी। उन्होंने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शहर के विकास में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा। बता दें कि राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम का शुरुआती निमंत्रण इकबाल अंसारी को भेजा गया था। तब उन्होंने कहा था, यह भगवान राम की दिव्य इच्छा हो सकती है कि मुझे पहला निमंत्रण मिला। मैं निमंत्रण को स्वीकार करता हूं। हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 दिसंबर को अयोध्या दौरे पर गए थे। उन्होंने वहां रोड शो भी किया था। तभी अंसारी को पीएम मोदी पर फूल बरसाते हुए देखा गया था। इस दौरान इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या आने वाला कोई भी व्यक्ति हमारा मेहमान है। उनका अभिनंदन करना हमारा धर्म और परंपरा है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री अयोध्या आए और उनके स्वागत में मैंने फूल बरसाए। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी के स्वागत के लिए हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और अन्य सभी लोग वहां मौजूद थे। अंसारी ने कहा कि वह निश्चित रूप से 22 जनवरी 2023 को रामलला के प्रतिष्ठा समारोह का हिस्सा बनना चाहता हूं। अंसारी ने कहा कि अयोध्या में पहले एक छोटा सा रेलवे स्टेशन हुआ करता था, लेकिन अब भव्य स्टेशन बन गया है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण भी हुआ है। आशीष दुबे / 05 जनवरी 2024 इंडिया में रार…..अधीर ने दे दी टीएमसी नेता ममता को चुनौती उनके खिलाफ आम चुनाव लड़े कोलकाता (ईएमएस)। पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा में नेता अधीर रंजन चौधरी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आगामी लोकसभा चुनाव में उनके खिलाफ चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। चौधरी मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर से 5वीं बार सांसद हैं। चौधरी ने कहा कि ममता ने प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने का सुझाव दिया था। उनके सुझाव का हवाला देकर चौधरी ने कहा, आपने प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ने का सुझाव दिया। अब मैं आपको इस बार मेरे खिलाफ चुनाव लड़ने की चुनौती दे रहा हूं। उन्होंने कहा, मैं देखना चाहता हूं, कि आप कितनी शक्तिशाली हैं। यह मत भूलिए कि 2019 में हमने आपकी कृपा से सीटें नहीं जीती थीं।चौधरी ने कहा कि ममता ने बंगाल की दो लोकसभा सीटों बहरामपुर और मालदा दक्षिण से कोई भी उम्मीदवार नहीं उतारने पर सहमति जाहिर की है, जहां 2019 में कांग्रेस के उम्मीदवार निर्वाचित हुए थे। उन्होंने कहा, हमने उन दो निर्वाचन क्षेत्रों से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों को हराकर जीत हासिल की। हमारी जीत तृणमूल कांग्रेस या मुख्यमंत्री की कृपा से नहीं हुई थी। याद रखें कि कांग्रेस अन्य निर्वाचन क्षेत्रों से भी अपने दम पर चुनाव लड़ने में सक्षम है।उन्होंने असम, मेघालय और गोवा में सीटों की तृणमूल की मांग का भी मजाक उड़ाकर कहा, याद रखें कि कांग्रेस के पास पश्चिम बंगाल में खोने के लिए कुछ नहीं है। हमारी पार्टी की राज्य इकाई सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के साथ सीट-बंटवारे का समझौता करने की इच्छुक है।पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, हालांकि, गठबंधन या सीट बंटवारे पर समझौते का अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान का होगा। आशीष दुबे / 05 जनवरी 2024 6 जनवरी को नडडा का रोड शो…..बैठक में बनाई गई रणनीति चंडीगढ़ (ईएमएस)। हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नायब सैनी ने पंचकूला में नवनियुक्त प्रदेश महामंत्रियों की बैठक ली। प्रदेश कार्यालय पंचकमल में हुई बैठक में आगामी कार्य योजनाओं पर मंथन हुआ। बैठक में 6 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के रोड शो को लेकर भी रणनीति तैयार की गई। प्रदेश महामंत्री नियुक्त करने के दूसरे दिन प्रदेश अध्यक्ष सैनी की प्रदेश महामंत्री मोहन लाल बड़ौली, सुरेंद्र पुनिया के साथ यह पहली बैठक थी। इसमें संगठन मंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सैनी ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों की रणनीति पर विस्तार से विचार विमर्श किया। बैठक में विकसित भारत संकल्प यात्राओं को और सफल बनाने के लिए काम करने के लिए कहा और जरूरी दिशा निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी वाली गाड़ी का लाभ हरेक पात्र व्यक्ति को मिले इसके लिए हम सभी को और अधिक काम करना चाहिए। सैनी ने कहा कि मोदी-मनोहर सरकार द्वारा जनता के लिए बनाई गई कल्याणाकरी योजनाएं जन-जन तक पहुंच रही है। सैनी ने बताया कि मनोहर सरकार ने समाज के अलग-अलग वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उन्हें सशक्त किया है। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, संगठन मंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, जिला प्रभारी डा. संजय शर्मा, पूर्व विधायक व महिला मोर्चा कोषाध्यक्ष लतिका शर्मा, नवनियुक्त जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष अजय शर्मा, प्रदेश सहकोषाध्यक्ष वीरेद्र गर्ग, जिला महामंत्री वीरेंद्र राणा, परमजीत कौर, कार्यालय सचिव कमलजीत आदि उपस्थित रहे। आशीष दुबे / 05 जनवरी 2024 इंग्लैंड में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल…..वेतन बढ़ोत्तरी की मांग लंदन (ईएमएस)। इंग्लैंड में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी है। जबकि एक भारतीय मूल के डॉक्टर और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी ने सरकार से बेहतर वेतन की पेशकश करने की अपील की है। जिससे छह दिन की हड़ताल को खत्म कर सके। ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन जूनियर डॉक्टर्स कमेटी के सह-अध्यक्ष डॉ. विवेक त्रिवेदी ने बताया कि वे राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के इतिहास की सबसे लंबी हड़ताल को खत्म करने के लिए बातचीत करने को तैयार हैं। इंग्लैंड में एनएचएस में 2023 और 2024 में हड़ताल की कार्रवाई करने वाले जूनियर डॉक्टरों की तीन बड़ी मांगें हैं। डॉक्टर चाहते हैं कि जीवनयापन की लागत में भविष्य में किसी भी गिरावट को रोकने के लिए सरकार एक तंत्र पर सहमत हो। उनकी मांग है कि महंगाई और डॉक्टरों, दांत के डॉक्टरों के समीक्षा प्रक्रिया में सुधार हो। जिससे जूनियर डॉक्टरों की भर्ती और नौकरियों की सुरक्षा के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से वेतन बढ़ोतरी की सिफारिश की जा सके। जूनियर डॉक्टरों की यह बड़ी संख्या ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा को चलाने के लिए बहुत जरूरी है। जूनियर डॉक्टरों को अनुभव के आधार पर औसतन 29,000 पाउंड से 40,000 पाउंड के बीच वेतन मिलता है, जो उनके एक से नौ साल के अनुभव के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। ये जूनियर डॉक्टर पिछले साल से बेहतर वेतन की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। उनका दावा है कि उनकी वेतन बढ़ोतरी महंगाई बढ़ने की दर के अनुरूप नहीं है। जूनियर डॉक्टरों और ब्रिटिश सरकार के बीच बातचीत पिछले महीने टूट गई थी। जूनियर डॉक्टरों ने औसत वेतन में बढ़ोतरी की सरकार की पेशकश को नामंजूर कर दिया था। आशीष दुबे / 05 जनवरी 2024 5 किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंची गर्भवती, दिया चार बच्चों को जन्म तेल अवीव (ईएमएस)। इजरायल-हमास के बीच युद्ध का परिणाम भले ही कुछ न निकले लेकिन नागरिकों की परिस्थिति बहुत ही दर्दनाक हो चुकी है। युद्ध में सिर्फ एक देश की एक पीढ़ी नहीं बल्कि पीढ़ियां भुगतती हैं। खासतौर उन मासूमों के लिए ये और भी मुश्किल होता है, जो इस दुनिया में आए नहीं हैं। जिन दिनों महिलाओं को सबसे ज्यादा आराम की जरूरत होती है, उस हालत में महिला 5 किलोमीटर पैदल चली और बच्चों को सिजेरियन ऑपरेशन से पैदा करने के बाद तुरंत ही अगले संघर्ष के लिए तैयार हो गई। एक महिला प्रेग्नेंट थी और हालात कुछ यूं बने कि महिला को लेबर पेन की स्थिति में खुद ही पैदल चलकर अस्पताल आना पड़ा। महिला युद्ध ग्रस्त इलाके में कई मील तक पैदल चलकर अस्पताल पहुंची और 4 बच्चों को जन्म दिया। 28 साल की इमान अल मसरी के मुताबिक वहां शरणार्थी कैंप तक पहुंचने के लिए 5 किलोमीटर चलीं। चूंकि प्रेग्नेंसी के चलते उनकी स्थिति बिगड़ने लगी तब वे अस्पताल चली गईं। यहां उन्होंने दो बेटियों और दो बेटों को ऑपरेशन के ज़रिये जन्म दिया। आमतौर पर सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद महिलाओं को 3-4 दिन डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाता है लेकिन मसरी को तुरंत ही अस्पताल छोड़ने को कह गया। चूंकि उनके एक बच्चे की हालत गंभीर थी, इसके बाद वहां तीन बच्चों को लेकर वहां से निकल गईं और अब एक शरणार्थी कैंप में रह रही हैं। वहीं उनके पति का कहना है कि वे बच्चों और पत्नी को कुछ भी नहीं दे पा रहे हैं। यहां तक कि खाने की तलाश में वे भटकते रहते हैं।
