22 जनवरी हमारे लिए गौरव का दिन

बीकानेर से यात्रा को किया गया था रवाना
श्री परयानी ने जानकारी देते हुए बताया कि 24 नवंबर 2024 को जगतगुरु रामभद्राचार्य जी के द्वारा बीकानेर से इस यात्रा को ध्वज दिखाकर रवाना किया गया था। जिसके बाद यह यात्रा हरिद्वार, गाजियाबाद, मथुरा और भोपाल से होते हुए उज्जैन पहुंची। उज्जैन में इस यात्रा का स्वागत उज्जैन दक्षिण के विधायक डॉ मोहन यादव, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अखिलेश कुमार पांडे, महापौर मुकेश टटवाल, भाजपा के वरिष्ठ नेता और संत सत्कार समिति के प्रमुख प्रकाश चित्तौड़ा दिनेश रावल स्वामी दिलमिलाके विशेष रूप से उपस्थित रहे।
जिन्होंने पहले अमृत रथ यात्रा के साथ चल रहे। साधु संतों का स्वागत सम्मान किया और उसके बाद मां शिप्रा के जल के साथ उज्जैन की पावन माटी को साधु संतों को भेंट किया गया। अमृत महोत्सव रथ यात्रा की उज्जैन में जिम्मेदारी संभाल रहे समाजसेवी गोपाल बलवानी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान उपस्थितजनो ने रथ का पूजन अर्चन कर महाआरती की। इस दौरान बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहे।

