ग्वालियरl सिंधिया स्कूल के 125वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की यंग जनरेशन से आव्हान किया है कि वह अगले 25 वर्षों में देश को सबसे विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में खड़ा करने का संकल्प करना है। मोदी ने कहा कि उन्हें भारत की यंग जनरेशन के सामर्थ्य पर विश्वास है। सपने और संकल्प दोनों बड़े होने चाहिये, आपका सपना ही मेरा संकल्प हैं। उन्होंने छात्रों से नेशन फस्र्ट की मानसिकता की बात भी की। इस अवसर पर श्री मोदी ने छात्रों को नये भारत गढ़ने के मंत्र दिये। उन्होंने कहा कि आप अपने सपने पूरे करें और नये भारत को खुशहाल विकसित बनाये। उन्होंने देश में पाजीटिव माहौल निर्माण करने की बात भी कही। प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से कहा कि हमेशा आउट आफ बाक्स सोचिए। अपने आइडिया, सपने नमोएप पर शेयर करएि। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज आजाद हिंद सरकार का स्थापना दिवस भी है। सभी देशवासियों को इसकी भी बधाई देता हूं। इस गौरवमई इतिहास से जुड़ने का मौका दिया। यह इतिहास सिंधिया स्कूल का भी है और एतिहासिक ग्वालियर शहर का भी है। संगीत सम्राट तानसेन, महादजी सिंधिया, विजयाराजे सिंधिया, अटल बिहारी बाजपेयी, उस्ताद अमजद अली जैसे लोगों का निर्माण ग्वालियर की धरती करती है। यह धरती नारी शक्ति और वीरांगनाओं की तपस्या स्थली है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि ग्वालियर आना अपने आप में बहुत सुखद होता है। और दो वजहों से ग्वालियर से नाता है। एक, काशी का सांसद हूं, हमारी संस्कृति संरक्षण में सिंधिया परिवार की भूमिका रही है। काशी में कई घाट बनवाए हैं। आज जिस प्रकार काशी का विकास हो रहा है उसे देखकर महारानी बैजाबाई, महाराज माधवराज को प्रशन्नता होती होगी। ग्वालियर से दूसरा कनेक्शन ज्योतिरादित्य गुजरात के दामाद हैं। इस नाते भी ग्वालियर से रिश्तेदारी है। मेरा गांव गायकवाड़ स्टेट का गांव है। मेरे गांव में प्राथमिक स्कूल गायकवाड़ परिवार ने बनवाया। हमारे यहां कहा गया है कि सज्जन व्यक्ति जैसा मन में सोचते हैं, वैसा कहते भी हैं और करते भी हैं। यही एक कर्त्तव्य परायण व्यक्ति की पहचान होती है। कर्त्तव्यनिष्ठ व्यक्ति तात्कालिक लाभ के नहीं, आगामी पीढियों के भविष्य के लिए काम करते हैं। यदि एक शताब्दी का सोच रहे हैं तो शिक्षा से जुड़ी संस्थाएं बनाइए। माधवराव प्रथम ने इस बात को पूरा किया। उनकी यही सोच भी आने वाली पीढियों को उज्जवल बनाने के लिए काम किया। सिंधिया स्कूल उनकी दूरगामी सोच का परिणाम थी। ग्वालियर में एयरफोर्स का बड़ा बेस स्टेशन है। आज भारत के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। भारत का बढ़ता हुआ सामथ्र्य आपके लिए पासीबिलिटी बना रहा हे। 2014 से पहले महज 100 स्टार्टअप हुआ करते थे। आज 1 लाख के करीब पहुंच रहा है। सिंधिया स्कूल के बच्चों को यूनीकोन बनाने हैं। सरकार के तौर हमने नए सेक्टर ओपन किए हैं। पहले सेटेलाइट सरकार बनाती है। लेकिन अब स्पेश स्पेश सेक्टर को ओपन कर दिए। डिफेंस सेक्टर को भी आप के लिए ओपन कर दिए। कई सेक्टर आपके लिए बन रहे हैं। मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा चरित्रवान व परोपकारी नागरगिक तैयार करना यह शिक्षा का उद्देश्य है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा शिक्षा वह है जो मुक्ति दिलाए। स्वामी विवेकानंद कहते थे कि शिक्षा वह है जो मनुष्य को मनुष्य बना दे। भारत में शिक्षा के तीन महत्व बताए है। ज्ञान देना। आजीविका प्राप्त करने के लिए कौशल देना। चरित्रवान व परोपकारी नागरगिक तैयार करना यह शिक्षा का उद्देश्य है। शिक्षा नीति वहीं की वहीं रही। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति बनाकर लागू की। अब सरकारी स्कूलों में आदर्श शिक्षा की व्यवस्था की गई है। यह पीएम का नेतृत्व है कि उन्होंने अमूल्य शिक्षा नीति दी है। केन्द्रीय मंत्री व सिंधिया स्कूल के प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा मोदी जी कहते हैं कि यही समय है सही समय है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व ने अवसर खोले हैं। विश्व में कहीं भी जाओगे तो आपकी पहचान व सफलता के द्वार खोलेगा। अपना तिरंगा विश्व स्तर पर ही नहीं चांद पर भी लहराया है। पीएम के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर बन रहा है। कल विश्व हम पर निर्भर होगा। 9 साल में पांचवी आर्थिक शक्ति बन चुका है। अगले चार सालों में तीसरे नंबर पर आ जाएगी। लेकिन इससे पहले हमें बहुत कुछ सीखना है। पीएम ने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया है। संघर्ष को अपना करीबी मित्र बनाया है। हमारा प्रयास रहेगा कि हम आपसे सीखते रहेंगे। देश के विकास में योगदान देते रहेंगे। इस मौके पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, जितेन्द्र सिंह भी उपस्थित थे।
