नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज गुजरात के गांधीनगर स्थित राजभवन से वर्चुअल माध्यम से दूरदर्शी ‘आयुष्मान भव’ अभियान के साथ-साथ आयुष्मान भव पोर्टल का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति के साथ केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्रभाई पटेल, विभिन्न राज्यों के राज्यपाल, केन्द्रीय मंत्रीगण, केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार एवं प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल, गुजरात के वित्त मंत्री कनुभाई मोहनलाल देसाई, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी. के. पॉल और विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री शामिल हुए।
राष्ट्रपति ने स्वास्थ्य सेवाओं को देश के अंतिम छोर तक पहुंचाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने हेतु ‘आयुष्मान भव’ अभियान द्वारा अपनाए गए बहु-मंत्रालयी दृष्टिकोण की प्रशंसा की और कहा कि यह इस दिशा में किए गए प्रयास को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा, “इस अभियान और पोर्टल का यह ऐतिहासिक शुभारंभ सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) हासिल करने और सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण छलांग है क्योंकि यह विशेष रूप से वंचितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता एवं सामर्थ्य को और बेहतर बनाने का प्रयास है।”
“अंत्योदय”, जिसका अर्थ सभी के लिए अच्छा स्वास्थ्य और कोई भी पीछे न छूटे है, के दर्शन को रेखांकित करते हुए, द्रौपदी मुर्मु ने इस प्रयास में स्थानीय शासन की भागीदारी एवं सहयोग की सराहना की और कहा कि जो ग्राम पंचायतें अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त करेंगी उन्हें आयुष्मान ग्राम पंचायत घोषित किया जाएगा।
तय समय में निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सरकार की भूमिका एवं प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने सेवा पखवाड़ा (17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2023 के दौरान शुरू होने वाली) पहल की सराहना की, जो यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं हासिल हों।
